जीडीए की तरफ से जमीन पर जबरन कब्जा करने का आरोप लगाते हुए मानबेला के किसानों ने रविवार को चेतना तिराहे पर भिक्षाटन करते हुए प्रदर्शन किया। साथ ही चेतावनी भी दी कि यदि उनकी जमीन पर जबरन कब्जा किया गया तो सभी 12 गांवों के किसान अनशन शुरू करेंगे। इसके लिए उन्होंने जीडीए को 10 दिन का समय है। प्रदर्शन में कई महिलाएं भी शामिल थीं।
लंबे अरसे से आंदोलनरत किसानों की मांगों को ठुकराते हुए जीडीए ने राप्ती नगर विस्तार आवासीय योजना के आवंटियों को कब्जा दिलाने का काम शुरू कर दिया है। इसी के विरोध में रविवार को पोखरभिंडा, करीमनगर, मानबेला, फतेपुर, पीरन सईद, मिर्जापुर, हमीदपुर, मुगलपुर, मौर्या टोला, डिहवापुर समेत 12 गांवों के किसान, उनके परिवार की महिलाओं ने चेतना तिराहे पर प्रदर्शन किया।
किसानों ने मुख्यमंत्री से मिलने और उनसे भी भिक्षा लेने की इच्छा जताई। साथ ही कहा कि आंदोलन इतने से थमने वाला नहीं है। जल्द ही 12 गांवों के किसान डीएम आवास के सामने अनशन करेंगे। भिक्षाटन करने वालों में इंद्रावती देवी, तपेसरी देवी, सुगंधि देवी, नाजरा देवी, रेहाना खातून, मंजू देवी, सलमा, आशा देवी, जानकी देवी, फूलमती, रजनी, सारिका देवी, प्रतिभा देवी आदि शामिल रहीं।
प्रदेश सरकार का रवैया पूरी तरह से किसान विरोधी है। इसी वजह से 12 गांवों के लोगों ने चेतना तिराहे पर भिक्षाटन किया। आंदोलन को और बड़ा रूप दिया जाएगा।
- राणा राहुल सिंह, कांग्रेस नेता