अधिवक्ताओं के विरोध प्रदर्शन की वजह से बृहस्पतिवार को शहर क्षेत्र में एक भी बैनामा नहीं हो पाया जिससे विभाग की स्टांप शुल्क के तौर पर करीब डेढ़ करोड़ रुपये की आय प्रभावित हुई। नगर निगम में साथी पर हुए हमले के विरोध में अधिवक्ता सुबह 10 बजे ही रजिस्ट्री दफ्तर पहुंच गए और मुख्य द्वार के बाहर धरने पर बैठ गए। पूरे दिन जो भी बैनामा करने पहुंचा, अधिवक्ता उसे गुलाब का फूल देकर लौटा दे रहे थे। अधिवक्ताओं के धरना-प्रदर्शन को दस्तावेज लेखक संघ तथा स्टैंप वेंडर संघ ने भी अपना समर्थन दिया।
जिला अधिवक्ता एसोसिएशन के कनिष्ठ उपाध्यक्ष एडवोकेट उपेंद्र धर दूबे पर 28 नवंबर को अपर नगर आयुक्त डीके सिन्हा के चैंबर में हमला हो गया था। तभी से अधिवक्ता कार्य बहिष्कार पर हैं। इसी क्रम में अधिवक्ताओं ने बृहस्पतिवार को रजिस्ट्री दफ्तर के बाहर धरना-प्रदर्शन कर बैनामे का काम ठप करा दिया। उनका कहना था कि अभियुक्त की गिरफ्तारी होने तक अधिवक्ताओं का आंदोलन जारी रहेगा। धरने के दौरान महामंत्री रवींद्र कुमार श्रीवास्तव, नरेंद्र कुमार पांडेय, सूर्यभान सिंह, कृष्ण कुमार त्रिपाठी, कृष्ण मोहन पांडेय, शिव यत्न भारती, रामकृष्ण पांडेय, मधुसूदन त्रिपाठी, कृष्ण चंद्र चतुर्वेदी, गजेंद्र मणि त्रिपाठी, अमिताभ त्रिपाठी, विनय कुमार चंद, धर्मेंद्र कुमार मिश्र समेत कई अधिवक्ता मौजूद रहे।