खोराबार। सोनवे गांव में बृहस्पतिवार की शाम बिजली का फाल्ट ठीक करने के दौरान करंट लगने से लाइनमैन की मौत हो गई। आश्चर्य तो यह है कि लाइनमैन शटडाउन लेकर गांव की लाइन ठीक कर रहा था, इसी दौरान जाने कैसे आपूर्ति चालू कर दी गई।
यही नहीं, करीब पौन घंटे तक उसकी लाश तार में फंसी रही, लेकिन कोई जिम्मेदार मौके पर नहीं पहुंचा। इस घटना के बाद ग्रामीणों ने जमकर हंगामा मचाया। मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझाकर शांत कराया। साथ ही बिजली कटवाकर लाश पोस्टमार्टम के लिए भेजी गई। एसओ खोराबार गिरिजेश तिवारी का कहना है कि इस मामले में जेई और आपरेटर के खिलाफ केस दर्ज किया जाएगा।
सोनवे गांव का धर्मवीर (22) खोराबार विद्युत उपकेंद्र पर संविदा पर लाइनमैन था। शाम पांच बजे वह शटडाउन लेकर गांव की लाइन ठीक कर रहा था कि तभी अचानक आपूर्ति शुरू हो गई, जिससे करंट लगने से उसकी मौत हो गई। गांव वालों के मुताबिक करंट लगने के बाद धर्मवीर का शव बिजली के तार में ही फंसा रहा। जानकारी होते ही गांव के लोग वहां जुट गए और जेई पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिए। ग्रामीण इस बात से ज्यादा नाराज थे कि जब शटडाउन लिया गया था तब आपूर्ति कैसे बहाल कर दी गई। इसके लिए लोग जेई को दोषी ठहरा रहे थे। ग्रामीणों का आरोप है कि हादसे के बाद न तो जेई मौके पर पहुंचे और न ही बिजली विभाग का कोई अन्य कर्मचारी। सूचना पाकर पुलिस पहुंची और लाइन कटवाने के बाद किसी तरह शव को नीचे उतरवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। लाइनमैन के घर वालों ने भी अधिकारियों सहित खोराबार थाने को घटना की सूचना दी। इस संबंध में जेई शाहजहां का कहना है कि एसएसओ की गलती से ऐसा हुआ है। इसकी जानकारी विभाग के अधिकारियों को दे दी गई है।