संतकबीरनगर। अविश्वास प्रस्ताव द्वारा हटाए गए सपा नेता और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष संतोष यादव द्वारा अविश्वास प्रस्ताव के विरुद्ध दायर याचिका पर हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने सोमवार को सुनवाई करते हुए इसे खारिज कर दिया। इससे 22 अगस्त(आज) जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए होने वाले चुनाव के लिए रास्ता साफ हो गया। अब इस बात को लेकर कयास तेज हो गए हैं कि संतोष भाजपा या सपा किसके पक्ष में जाएंगे।
संतोष यादव ने हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में याचिका कर कहा था कि अविश्वास प्रस्ताव के दौरान मतदान की प्रक्रिया में गुप्त मतदान के नियम का पालन नहीं किया गया। हाईकोर्ट के निर्देश के क्रम में डीएम के निर्देश पर एडीएम न्यायिक अनिल कुमार मिश्रा और अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत ने जवाब दाखिल किया। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष संतोष यादव ने बताया कि सोमवार को हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई हुई। उसके बाद उनकी याचिका को कोर्ट ने खारिज कर दिया। यह पूछे जाने पर कि अध्यक्ष पद के चुनाव में वे किस तरफ जाएंगे। इस पर वे मौन रहे। हालांकि वहीं पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष संतोष यादव किस पाले में जाएंगे, इसको लेकर कयासबाजी तेज हो गई है है। पूर्व सांसद भालचंद यादव का आरोप था कि सत्ता पक्ष के इशारे पर चुनाव से ठीक पहले उनका गनर प्रशासन ने हटा दिया और उनके प्रत्याशी बेटे के खिलाफ अपहरण का मुकदमा भी दर्ज कर लिया गया। जबकि एसपी हेमराज मीणा ने बताया कि मंडलीय सुरक्षा समिति ने पूर्व सांसद भालचंद की सुरक्षा हटाने की संस्तुति की है। वैसे जिला पंचायत अध्यक्ष पद का चुनाव संपंन होने के बाद उनका गनर हटाए जाएगा। डीएमने बताया कि जिले में धारा 144 लागू है। किसी भी पक्ष को गोलबंद होने और विजय जुलूस, धरने की अनुमति नहीं है। यदि कोई धारा 144 का उल्लंघन करेगा तो उसके खिलाफ नियम संगत तरीके से कार्रवाई की जाएगी।