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बीएसए दफ्तर में तोड़फोड़, हाइवे जाम किया

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संतकबीरनगर। सुप्रीम कोर्ट द्वारा सहायक शिक्षक पद से शिक्षामित्रों के समायोजन को निरस्त किए जाने से नाराज शिक्षामित्र बुधवार दोपहर करीब 12 बजे बीएसए दफ्तर पहुंचे और तोड़फोड़ की। इसी बीच किसी ने आग लगा दी। गुस्सा यहीं नहीं थमा, इसके बाद शिक्षामित्रों ने नेदुला के पास हाइवे जाम कर दिया। मौके पर पहुंचे अफसरों के मनाने पर शिक्षामित्र किसी तरह माने। वहीं जाम के चलते करीब आधे घंटे तक आवागमन बाधित रहा।
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सुप्रीम कोर्ट द्वारा समायोजन रद्द होने की जानकारी शिक्षामित्रों को मंगलवार शाम को ही हो गई थी। बुधवार को शिक्षामित्र सुबह दस बजे से जूनियर हाईस्कूल खलीलाबाद परिसर में जुटने लगे। यहां से काफिला बीएसए दफ्तर पहुंच गया। वहां पहुंचते ही आक्त्रसेशित शिक्षा मित्रों ने बीएसए कार्यालय में तोड़फोड़ शुरू कर दी। इससे कर्मचारी भयभीत होकर बाहर निकल गए। उसी दौरान शिक्षा मित्रों ने बीएसए कार्यालय की खिड़कियों के शीशे तोड़ डाले। फर्नीचर तहस नहस कर दिया। कार्यालय में एसी, डीसी एमडीएम के कार्यालय में लगा कंप्यूटर तोड़ दिया। वहां मौजूद लोगों के अनुसार तोड़फोड़ के दौरान किसी ने कार्यालय में आग लगा दी। जिसमें एमआईएस कक्ष में रखी पत्रावली जल गईं। सूचना पर मौके पर फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग को बुझाया। इस घटना के बाद बीएसए कार्यालय पर भारी संख्या में पुलिस और पीएसी तैनात कर दी गई। यहां से शिक्षामित्र गोरखपुर-लखनऊ हाइवे पहुंचे और नेदुला के पास हाइवे जाम कर दिया। जाम की सूचना मिलते ही एसडीएम सदर उमेश निगम, एएसपी अशोक कुमार वर्मा, कोतवाल राकेश यादव, महिला थानाध्यक्ष अनीता यादव मय फोर्स पहुंचे और शिक्षा मित्रों को हटाने की कोशिश की, लेकिन शिक्षा मित्र डीएम को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े रहे। इस दौरान एएसपी और कुछ शिक्षा मित्रों के बीच बहस भी हुई। बाद में एडीएम सत्येंद्र नाथ शुक्ल मौके पर पहुंचे और समझाबुझाकर जाम खत्म कराया।

जिलाध्यक्ष समेत 1070 पर केस दर्ज
संतकबीरनगर। समायोजन रद्द होने से नाराज समायोजित शिक्षामित्रों द्वारा बीएसए दफ्तर में तोड़फोड़, आगजनी और हाईवे जाम करने के मामले में डीसी एमडीएम और कोतवाल की तहरीर पर 1070 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया। इसमें समायोजित शिक्षक संघ के अध्यक्ष को नामजद किया गया है, शेष आरोपी अज्ञात हैं।
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डीसी एमडीएम धीरेंद्र प्रताप चंद्र ने तहरीर देकर आरोप लगाया कि बुधवार को दोपहर 12 बजे 1000 अज्ञात लोग कार्यालय पहुंचे। इन लोगों ने बीएसए दफ्तर, वित्त एवं लेखाधिकारी कार्यालय में तोड़फोड़ की और कार्यालय में आग लगा दी गई। जिससे कुछ अज्ञात फाइलें भी जल गईं। इस आधार पर पुलिस ने 1000 अज्ञात लोगों पर बलवा, तोड़फोड़, आगजनी, सरकारी कार्य बाधा डालने, हमलावर होना और सेवन सीएलए एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया। वहीं कोतवाल राकेश सिंह यादव ने तहरीर में बताया है कि शिक्षामित्र से समायोजित शिक्षक संघ के अध्यक्ष रणजीत राय पुत्र जगदीश राय निवासी कर्री की अगुआई में 60-70 लोग पहुंचे और नेदुला के पास हाईवे जाम कर दिए। इस मामले में रणजीत राय समेत 70 अज्ञात लोगों पर हाईवे जाम करने के मामले में केस दर्ज किया गया। बीएसए माया सिंह ने बताया कि उन्हें जैसे ही पता चला कि कार्यालय दफ्तर में उपद्रव हो रहा है तो वे एडीएम कार्यालय पहुंचीं और मामले की जानकारी दी। साथ ही उच्चाधिकारियों को मामले की सूचना दी। उनके के निर्देश के क्त्रस्म में डीसी एमडीएम ने कोतवाली में मामला दर्ज कराया है। यह पूछे जाने पर विभागाध्यक्ष की ओर क्यों तहरीर नहीं दी गई तो वह चुप हो गईं। वहीं डीएम ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ इस कदर की नाराजगी कत्तई उचित नहीं है। लोक संपत्ति को क्षति पहुंचाने और कानून तोड़ने का अधिकार किसी को नही है। ऐसा कृत्य करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। बीएसए दफ्तर में फर्जी शिक्षकों की जांच भी चल रही है। ऐसे में फाइलों को जला देने जैसा कृत्य तो गंभीर मामला है। एसपी ने बताया कि यदि समय से सूचना बीएसए के जरिए मिली होती तो वहां पहले से पुलिस मुस्तैद हो गई होती और शायद तोड़फोड़ नहीं होती।

आंदोलन के चलते जिले के 350 स्कूल रहे बंद
संतकबीरनगर। समायोजित शिक्षामित्रों के आंदोलन के कारण बुधवार को करीब 350 विद्यालयों में ताले लटक गए। कारण यह है कि यह विद्यालय शिक्षा मित्रों के जरिए ही संचालित किया जा रहा था। ऐसे में बच्चों की शिक्षा प्रभावित हुई। आंदोलन के लंबा खिंचने पर समस्या गंभीर होने की संभावना है।
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