कुशीनगर। सोमवार की सुबह से गंडक नदी में डिस्चार्ज में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। नदी में पानी का डिस्चार्ज शाम छह बजे डेढ़ लाख क्यूसेक को पार कर गया। भैंसहा गेज पर जलस्तर चेतावनी बिंदु से 30 सेमी ऊपर चला गया है। इसके चलते खड्डा रेता क्षेत्र के गांव सालिकपुर, मरचहवा, बसंतपुर आदि के किनारे तक पानी पहुंच गया है। रास्तों पर पानी बहने लगा है, इसकी वजह से लोगों को पानी के बीच से होकर जाना पड़ रहा है। तेज बहाव की वजह से छितौनी बांध के वीरभार ठोकर का कुछ हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया है। रात में स्थिति और गंभीर होने की आशंका है।
लगातार बरसात के चलते गंडक नदी के जलस्तर में भी वृद्धि होने लगी है। सोमवार की सुबह आठ बजे वाल्मीकि नगर बैराज से एक लाख 29 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था। दोपहर दो बजे जलस्तर एक लाख 36 हजार पर पहुंच गया। शाम छह बजे डिस्चार्ज डेढ़ लाख के ऊपर हो गया था। नदी के जलस्तर में बढ़ोत्तरी से खड्डा क्षेत्र के गांव मरचहवा, बसंतपुर, हरिहरपुर ,शिवपुर, नरायनपुर, बकुलादह, बालगोविंद छपरा, शाहपुर, विंध्याचलपुर आदि गांवों के लोगों की मुसीबत बढ़ गई है। नदी का पानी गांव के पास तक पहुंचने लगा है। मरचहवा दक्षिण टोला से उत्तर टोला की तरफ जाने वाले रास्ते पर पानी बहने लगा है। बसंतपुर व शिवपुर गांव की तरफ जाने वाले रास्ते पर भी पानी बह रहा है। बसंतपुर-सोहगीबरवा मार्ग पर भी पानी बहने लगा है। अपने जरूरी कार्यों से सुबह खड्डा आए मरचहवा गांव के लोगों को शाम को बच्चों को कंधे पर बैठाकर घर वापस जाना पड़ा। मरचहवा के ग्राम प्रधान इजहार ने आवागमन के लिए छोटी नाव की व्यवस्था की है। नदी के जलस्तर में तेजी से छितौनी बांध के वीरभार ठोकर के नोज का कुछ हिस्सा दरक गया है।
एसडीएम खड्डा जयचंद पांडेय ने बताया कि बाढ़ से प्रभावित होने वाले गांवों के निरीक्षण के लिए कानूनगो के साथ राजस्व कर्मियों की टीम को भेजा गया है। हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। जरूरत के हिसाब से नाव भी उपलब्ध कराई जाएगी।