कौशल विकास प्रशिक्षण केंद्र के उद्घाटन मौके पर प्रशिक्षणार्थियों से बात करते सीएम।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को एसएसबी परिसर में कौशल विकास योजना के तहत बने प्रशिक्षण केंद्र का शुभारंभ किया। केंद्र में सिलाई, मोबाइल की मरम्मत और फुटकर वस्तुओं के बेचने की ट्रेनिंग दी जाएगी। इसमें आम लोगों के साथ ही तीन साल रिटायरमेंट को बचे जवानों को भी ट्रेनिंग दी जाएगी ताकि वह खुद आर्थिक रूप से मजबूत रहें और अन्य लोगों को भी रोजगार उपलब्ध करा सकें। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशिक्षण केंद्र में नेपाली नागरिकों को भी मौका दिया जाए। इससे रोजगार के साथ ही भारत-नेपाल के संबंध और मजबूत होंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में शिक्षण संस्थाओं से उच्च शिक्षा पाने के बाद भी लोग स्वावलंबी नहीं हो पा रहे हैं। इसका उदाहरण एसएसबी भर्ती के दौरान ही देखा जा सकता है। भर्ती के लिए ऐसे अभ्यर्थी भी आते हैं जिनकी शिक्षा बीटेक या उससे अधिक होती हैं, जबकि वे चाहें तो खुद के दम पर व्यापार कर दूसरों को भी रोजगार दे सकते हैं। इसी सोच के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सत्ता संभालते ही कौशल विकास योजना केंद्र की शुरुआत की ताकि लोग खुद के दम पर कुछ सकें। गुरु पूर्णिमा के दिन कौशल विकास योजना के तहत केंद्र की शुरुआत करना सराहनीय है।
एसएसबी की महानिदेशक अर्चना रामा सुंदरम ने कहा कि गोरखपुर एवं इसके साथ उत्तर प्रदेश के सात जिलों में एसएसबी की स्थापना 13 जनवरी 2003 को की गई थी और तब से अब तब एसएसबी कई सामाजिक कार्य करता आ रहा है। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत एक बार में 30 महिला व 30 पुरुषों को प्रशिक्षित किया जाएगा। साथ ही शस्त्र सीमा बल के उन जवानों को भी प्रशिक्षित किया जाएगा जिनका रिटायरमेंट तीन साल बाद होना है।
उत्तराखंड की तर्ज पर बढ़ाएं फूड प्रोसेसिंग का काम
गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तराखंड की तर्ज पर यहां पर भी फूड प्रोसेसिंग को बढ़ावा देना चाहिए। एसएसबी इस केंद्र के माध्यम से लोगों से संपर्क कर आचार, फल, सब्जी उगाने आदि की ट्रेनिंग दे सकता है। इससे लोगों को उनकी मेहनत का उचित दाम मिल जाएगा और उसकी ब्रांडिंग करने से बाजार में लोगों को सस्ते और अच्छे सामान भी उपलब्ध होंगे। उत्तराखंड में इस तरह का काम हो रहा है। यहां पर भी लोग इस क्षेत्र में कोशिश करें, सरकार उनकी मदद करेगी।