अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। दिल्ली की ओर जाने वाली गोरखधाम एक्सप्रेस में यात्रियों में गुरुवार को सीट को लेकर दो महिलाओं में मारपीट-खून खराबे की घटना की आंखिन देखी अमर उजाला में छपने के बाद शुक्रवार को अतिरिक्त सतर्कता बरती गई। बावर्दी और बेवर्दी आरपीएफ की अलग-अलग टीमें सक्रिय रहीं। नतीजे में शुक्रवार को बिना अव्यवस्था और झगड़े के ट्रेन की रवानगी हुई।
शुक्रवार को गोरखधाम एक्सप्रेस के प्लेटफॉर्म पर लगते ही यात्रियों जैसी तेजी में आरपीएफ की टीमें नजर आईं। महिला व विकलांग बोगियों में सघन तलाशी लेकर घुसपैठियों को बाहर किया। यही नहीं गेट पर लटक कर सफर करने वाले यात्रियों को भी ट्रेन से नीचे उतरा गया। इसके चलते इस ट्रेन के प्लेटफॉर्म पर पहुंचने से लेकर रवाना होने तक झगड़े या अफरा तफरी की नौबत नहीं आई। आगे भी वर्दीधारियों के अलावा सादी ड्रेस में आरपीएफ की सक्रियता बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
टॉयलेट में रही घुसपैठ
ट्रेन की जनरल बोगी में जगह नहीं मिलने पर बहुत सारे यात्रियों ने टॉयलेट में खड़ा होकर सफर किया। जनरल बोगियों के टॉयलेट में भी ठसाठस भीड़ थी। आरपीएफ ने जब यात्रियों को जनरल बोगियों से नीचे उतारा तो वे स्लीपर कोच में चढ़ गए। कोच के गैलरी भी में खड़ा होने की जगह नहीं बची।
जीआरपी अब नहीं लगवाती लाइन
दिल्ली जाने के लिए सर्वाधिक भीड़ गोरखधाम एक्सप्रेस में होती है। इस ट्रेन में सबसे ज्यादा आठ बोगियां जनरल श्रेणी की लगाई जाती हैं। चढ़ने के लिए दोपहर 12 बजे से ही लंबी लाइन प्लेटफॉर्म पर लग जाती हैं। यात्रियों की सुरक्षा को लेकर पहले ट्रेन के इंजन की ओर से चार बोगियों की जिम्मेदारी आरपीएफ के पास थी, जबकि पीछे गार्ड की ओर लगी चार बोगियों में जीआरपी के सिपाही लाइन लगवाते थे, लेकिन ट्रेन में चढ़ाने के बदले यात्रियों से वसूली के आरोप लगने के बाद रेल प्रशासन ने जीआरपी की ड्यूटी हटा दी।