गोरखपुर। शहर में दो दिनों से जारी लो वोल्टेज बिजली से लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ी है। कई घरों में पानी की सप्लाई भी बाधित हो गई है। इससे लोगों के दिनचर्या पर बहुत असर पड़ा है। वहीं बिजली विभाग के अधिकारी लो वोल्टेज के लिए विभाग के सिस्टम और शासनादेश को कोसते नजर आ रहे हैं।
गोरखपुर क्षेत्र में बिजली की सप्लाई बरहुआं पावर हाउस से होती है, जबकि बरहुआं में बिजली की सप्लाई सोनभद्र से होती है। योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद गोरखपुर की सीमा में बिजली की आपूर्ति 24 घंटे देने का शासन की तरफ से आदेश आया था। लेकिन बिजली आपूर्ति की जमीनी हकीकत इससे एकदम अलग है। 24 घंटे बिजली तो दूर, मिलने वाली बिजली का वोल्टेज ही इतना कम है कि पंखे के नीचे भी पसीना निकल रहा है। बिजली विभाग के मुताबिक उत्तरी ग्रेड से बरहुआं को बिजली की सप्लाई कम मिल रही है। पहले प्रदेश में 10-10 जिलों को अलग से 12 घंटे की बिजली देने का प्रावधान था, जिससे वोल्टेज की समस्या नहीं रहती थी। गोरखपुर में 24 घंटे और गांवों में शाम को 6 बजे से सुबह 6 बजे तक बिजली सप्लाई अनिवार्य होने के बाद से ग्रिड पर लोड एक साथ बढ़ गया। पिछले दो-तीन दिनों में मौसम भी खासा गर्म रहा है, जिससे फेज में सप्लाई से अधिक करंट यूूज किया गया है। करंट का लोड जैसे बढ़ता है वैसे-वैसे वोल्टेज कम होता जाता है।
आइडियल कनेक्शन से ज्यादा है खपत
बिजली विभाग ‘आइडियल कनेक्शन’ के तहत बिजली सप्लाई करती है। इसमें 3 फेज की लाइन से 440 वोल्ट का करंट उपभोक्ताओं को दिया जाता है। गर्मी बढ़ने के साथ सिस्टम पर लोड बढ़ने लगता है और वोल्टेज डाउन होने लगता है। इससे बाद बिजली की फ्रीक्वेंसी पर भी असर पढ़ता है।
लो वोल्टेज से पूरा रूटीन बिगड़ गया है। इसी में देर रात बिजली काट दी जाती है। रात जागते, बिजली के इंतजार में गुजर जाती है। लगता ही नहीं है कि यह सीएम का शहर है।
- अंबिका प्रसाद सिंह, रायगंज
लो वोल्टेज बिजली से मोटर का पानी टंकी में नहीं चढ़ पा रहा है। मेरी उम्र 80 के आसपास है। अब इस उम्र में मजबूरन हाथ में बाल्टी लेकर हैंडपाइप तक जाना पड़ता है।
- श्रीनिवास मिश्रा, जगन्नाथपुर
तीन दिनों से पूरा परिवार ठीक से सो नहीं पाया है। एक तो भीषण गर्मी, उस पर लो वोल्टेज। पंखे के नीचे बैठने पर भी गर्मी दूर नहीं होती। वहीं लो वोल्टेज के कारण एसी, कूलर लोड नहीं ले पाता।
- वसुधा सिंह, दाउदपुर
बिजली विभाग के पास जब आपूर्ति की व्यवस्था नहीं है तो समय-समय पर समीक्षा करनी चाहिए और लोड बढ़ाना चाहिए। सुबह से ही लो वोल्टेज जैसी हालत हो जाती है। पानी न होने पर खाना बनाने का भी संकट आ जाता है।
- सरिता श्रीवास्तव, गीता प्रेस रोड