- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर-बस्ती मंडल के स्वास्थ्य सेवाओं की तैयारियां परखीं
- बोले, मरीजों के प्रति संवेदना जरूरी, इलाज और दवा के अभाव में किसी मरीज की मौत नहीं होनी चाहिए
गोरखपुर। मुख्यमंत्री ने गोरखपुर-बस्ती मंडल के सात जिलों के अफसरों को कड़ी हिदायत देते हुए कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वह शनिवार को बीआरडी मेडिकल कॉलेज में जापानी इंसेफेलाइटिस (जेई) और एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) के इलाज, सुविधा-संसाधन सहित अन्य तैयारियों की समीक्षा कर रहे थे। वहीं सीएम ने अमर उजाला में एंबुलेंस सेवा की बदहाली पर छपी रिपोर्ट और एंबुलेंस न मिलने से गोला सीएचसी में हुई रुस्तम की मौत पर दोषियों के खिलाफ खिलाफ कठोर कार्रवाई का आदेश दिया है। मुख्यमंत्री के आदेश पर सीएमओ डॉ. श्रीकांत तिवारी ने बताया कि मामले में रविवार को एफआईआर कराई जाएगी।
संचारी रोग नियंत्रण अभियान की समीक्षा में मुख्यमंत्री के तेवर तल्ख दिखे। मुख्यमंत्री ने मंडल और जिला स्तरीय अफसरों से कहा कि इंसेफेलाइटिस को लेकर पूरी सतर्कता बरती जाए। बिहार, नेपाल से आने वाले मरीजों का इलाज भी गंभीरता से हो। उन्होंने कहा कि जिस तरह से इंसेफेलाइटिस पर नियंत्रण पाया गया है, उसी तरह इसे खत्म करने की जरूरत है। इस बार और प्रभावी नियंत्रण की उम्मीद है। अब मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल, सीएचसी, पीएचसी और मिनी पीआईसीयू में इलाज की बेहतर व्यवस्था है। दवाएं और सुविधा-संसाधन उपलब्ध हैं।
जिला स्तरीय अफसर सीएचसी, पीएचसी का नियमित निरीक्षण करें। जो कमियां मिलें, उसे दूर कराएं। लापरवाही बरतने वाले अफसर या फिर कर्मचारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जरूरत है। इलाज और दवा के अभाव में किसी मरीज की मौत नहीं होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने स्वच्छता मुहिम को आगे बढ़ाने के निर्देश भी दिए। यदि सफाई में कमी मिले तो संबंधित को जिम्मेदारी बनाकर कार्रवाई करें।
मुख्यमंत्री ने इंसेफेलाइटिस वार्ड का औचक निरीक्षण किया
जेई और एईएस के बेहतर इलाज के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक्शन में दिखे। समीक्षा बैठक के बाद मुख्यमंत्री सीधे इंसेफेलाइटिस के 100 बेड वार्ड का निरीक्षण करने पहुंच गए। मुख्यमंत्री वहां पांच मरीजों के पास गए। मरीज और उनके तीमारदारों से हाल और सुविधाओं के बारे में पूछा। मुख्यमंत्री ने बिहार से आए एक मरीज का भी हाल जाना। आईसीयू, पीआईसीयू का निरीक्षण करने के बाद मुख्यमंत्री गोरखनाथ मंदिर रवाना हो गए।
बस्ती मेडिकल कॉलेज में इसी सत्र से दाखिला
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्ती मेडिकल कॉलेज में शैक्षिक सत्र 2019-20 से ही एमबीबीएस की पढ़ाई शुरू होगी। इसकी औपचारिकता पूरी कर ली गई है। भवन का निर्माण तेजी से कराया जा रहा है। बस्ती मेडिकल कॉलेज के संचालित होने के बाद इंसेफेलाटिस पर और प्रभावी नियंत्रण किया जा सकेगा।
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