अमर उजाला में शनिवार के अंक में छपी एंबुलेंस सेवा की बदहाली पर पड़ताल करती रिपोर्ट को मुख्यमंत्री ने गंभीरता से लिया है। जिला अस्पताल में रेफर मरीज को एंबुलेंस नहीं मिलने और गोला सीएचसी में दो घंटे बाद एंबुलेंस आने से हुई रुस्तम की मौत पर नाराजगी जताते हुए सीएम ने दोषियों पर कड़ी कार्रवाई को कहा।
अमर उजाला की रिपोर्ट में बताया गया कि 44 लाख की आबादी पर 84 एंबुलेंस हैं। 12 एंबुलेंस खराब पड़ी हैं।
जिला अस्पताल में भी मरीज को एंबुलेंस नहीं मिल सकी थी। इसका संज्ञान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि एंबुलेंस का रिस्पांस टाइम दुरुस्त किया जाए। कम से कम समय में एंबुलेंस मरीज के पास पहुंचें, इसकी व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाए। यदि एंबुलेंस समय से नहीं पहुंची और किसी की मौत हुई तो दोषी अफसर, कर्मचारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में किसी तरह की हीलाहवाली बर्दाश्त नहीं होगी।सरकार ने जो सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं, उनका प्रभावी संचालन सुनिश्चित कराया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने इंसेफेलाइटिस वार्ड का औचक निरीक्षण किया
जेई और एईएस के बेहतर इलाज के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक्शन में दिखे। समीक्षा बैठक के बाद मुख्यमंत्री सीधे इंसेफेलाइटिस के 100 बेड वार्ड का निरीक्षण करने पहुंच गए। मुख्यमंत्री वहां पांच मरीजों के पास गए। मरीज और उनके तीमारदारों से हाल और सुविधाओं के बारे में पूछा। मुख्यमंत्री ने बिहार से आए एक मरीज का भी हाल जाना। आईसीयू, पीआईसीयू का निरीक्षण करने के बाद मुख्यमंत्री गोरखनाथ मंदिर रवाना हो गए।
दस्तक अभियान की शुरुआत एक से
मुख्यमंत्री ने कहा कि संचारी रोग (जेई, एईएस, डेंगू, कालाजार, चिकनगुनिया सहित अन्य) नियंत्रण के लिए एक जुलाई से दस्तक अभियान की शुरुआत होगी। इसमें सरकारी, गैर सरकारी विभाग, संगठन सक्रिय भूमिका निभाएंगे। जन सहभागिता भी जरूरी है। 30 जुलाई तक चलने वाले इस अभियान में टीकाकरण होगा। स्वच्छता अपनाने और शुद्ध पेयजल के इस्तेमाल की सलाह दी जाएगी। इसके लिए आंगनबाड़ी वर्कर, आशा बहुओं और एएनएम को भी प्रशिक्षण दिया गया है।
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