सोनौली। सोनौली सरहद से नेपाल जाने वाले कच्चे सामान की आवक पर नेपाल भंसार ने लैब टेस्ट की अनुमति के बिना देश में प्रवेश पर रोक लगा दी है। इससे शुक्रवार को सरहद पर कच्चे सामान से लदे करीब सौ ट्रक खड़े हो गए।
नेपाल के महानगरों में केमिकलयुक्त फल और सब्जियों के सेवन से हजारों बच्चे बीमार हो गए हैं। ऐसे में शुक्रवार की सुबह भैरहवा भंसार कार्यालय की ओर से कच्चे माल के एजेंट और व्यापारियों को सूचना दी गई कि आम, सेव, संतरा, अंगूर, तरबूज जैसे फल और लौकी, परवर, टमाटर, बैंगन, आलू जैसी सब्जियां बिना लैब की अनुमति के पास नहीं होंगी। यह जानकारी मिलते ही ट्रक लेकर पहुंचे व्यापारियों में खलबली मच गई। उन्होंने गाड़ियों को व्यापारी भारतीय सीमा में ही खड़ा कर दिया।
व्यापारी सेराज खान, सहजादे, दीपक, अंजनी आदि का कहना था कि नेपाल सरकार की तरफ से जिस जांच रिपोर्ट की बात की जा रही है उसके लिए काठमांडू जाना पड़ेगा। छोटे किसान एक पिकप सब्जी का भंसार कराने वहां नहीं जा सकते। इसके लिए बेलहिया में जांच कार्यालय खोलना चाहिए ताकि दिक्कत न हो, लेकिन नेपाल सरकार ने बिना सोचे-समझे ऐसा फरमान जारी कर दिया। ऐसे में आसपास के जिलों से आए ट्रक तो वापस हो गए, लेकिन दूर से आए ट्रक सीमा पर खड़े हैं।
उधर, भैरहवा कस्टम चीफ कमल भटराई ने बताया कि नेपाल सरकार का निर्देश है कि बिना टेस्ट रिपोर्ट के कोई भी कच्चा सामान, फल और सब्जियां सीमा से पास नहीं किया जाएगा। किसानों और व्यापारियों की समस्या को देखते हुए उच्चाधिकारियों से वार्ता हुई है। शनिवार को अधिकारी यहां पहुंच रहे हैं। उसके बाद अंतिम निर्णय होगा।
सौ गाड़ियां प्रतिदिन जाती हैं नेपाल
सोनौली। नेपाल में प्रतिदिन 30 बड़े ट्रक से फल और 70 छोटी-बड़ी गाड़ियों से सब्जियों की आपूर्ति होती है। जिन स्थानों से यहां कच्चा माल, फल और सब्जियां लाई जाती हैं उनमें कर्नाटक, नागपुर, भोपाल, कानपुर, बस्ती, बनारस, गोरखपुर, आनंदनगर, महराजगंज आदि शामिल है।