मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दो दिवसीय दौरे पर शुक्रवार को शहर में होंगे। वह अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर आयोजित अलग-अलग कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे, फिर पूर्व एमएलसी व वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. वाईडी सिंह के निधन पर शोक संवेदना व्यक्त करने उनके बेतियाहाता स्थित घर जाएंगे।
मुख्यमंत्री 21 जून को सुबह 11.20 बजे शहर में होंगे। सुबह 11.30 बजे से दोपहर 1 बजे तक वह गोरखनाथ मंदिर में आयोजित अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। शाम 5.30 बजे से 6.30 बजे तक गोरखपुर विश्वविद्यालय और प्रज्ञा प्रवाह की तरफ से दीक्षा भवन में आयोजित अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के कार्यक्रम में भी शिरकत करेंगे। देरशाम 6.50 बजे वह पूर्व एमएलसी डॉ. वाईडी सिंह के बेतियाहाता स्थित घर जाएंगे। वहां डॉ. वाईडी सिंह के श्रद्धांजलि देंगे और परिवार के सदस्यों से मिलेंगे। डॉ. वाईडी सिंह गोरक्षपीठ के करीबी थे। मुख्यमंत्री गोरखनाथ मंदिर में रात्रि विश्राम करेंगे।
शनिवार (22 जून) को मुख्यमंत्री मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय जाएंगे। वहां सुबह 10 से 11 बजे तक प्रगतिशील किसानों के सम्मेलन को संबोधित करेंगे। 210 बेड के महिला छात्रावास और नए प्रशासनिक भवन का शिलान्यास भी मुख्यमंत्री करेंगे। मुख्यमंत्री को ही चार नए विभागों की औपचारिक शुरूआत करनी है। इसके बाद गोरखपुर कसया पिच मार्ग से ग्राम रजही मार्ग और ग्राम रजही वाया बुढ़िया माता मंदिर मार्ग के इंटरलॉकिंग कार्य का लोकार्पण होगा। मुख्यमंत्री बुढ़िया माई मंदिर के पास स्थित तालाब से जलकुंभी निकालने में मदद करेंगे। साथ ही श्रमदान करके जल संरक्षण का संदेश देंगे।
जेई, एईएस से निपटने की तैयारी भी परखेंगे मुख्यमंत्री
गोरखपुर। जापानी इंसेफेलाइटिस (जेई) और एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) पीड़ितों के बेहतर इलाज की व्यवस्था, तैयारियों की जानकारी भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लेंगे। इसी सिलसिले में मुख्यमंत्री ने 22 जून को बीआरडी मेडिकल कॉलेज में गोरखपुर-बस्ती मंडल के स्वास्थ्य विभाग के अफसरों की बैठक बुलाई है।
मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक से स्वास्थ्य महकमे के अफसर चिंतित हैं। मंडलायुक्त जयंत नार्लीकर ने भी बृहस्पतिवार को जेई, एईएस के इलाज की जानकारी ली। अपर निदेशक स्वास्थ्य को बेहतर तैयारी के साथ समीक्षा बैठक में आने के निर्देश भी दिए। स्वास्थ्य विभाग के पास 12 जून तक जो आंकड़ा उपलब्ध है, उसके मुताबिक गोरखपुर मंडल में जेई, एईएस के करीब 130 मरीज मिले हैं। इसमें से 13 की मौत हुई है। शुक्रवार को 20 जून तक भर्ती मरीज और मृतकों का नया आंकड़ा स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध कराया जाएगा। दरअसल, बिहार में इंसेफेलाइटिस से मौतों का आंकड़ा बढ़ गया है। गोरखपुर में इलाज की बेहतर व्यवस्था है, फिर भी मुख्यमंत्री किसी तरह की गुंजाइश नहीं छोड़ना चाहते हैं। वह गंभीर बीमारी से निपटने की पूरी व्यवस्था और तैयारी की जानकारी लेंगे।