- आज बंद रहेंगे शहर के निजी अस्पताल
- कोलकाता में डॉक्टर संग मारपीट के विरोध में आईएमए ने लिया फैसला
- गंभीर मरीजों का इलाज और आपातकालीन सुविधाएं रहेंगी चालू
गोरखपुर। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने कोलकाता में डॉक्टरों पर हमले के विरोध में सोमवार को शहर के अस्पतालों को बंद रखने का फैसला किया है। इस दौरान आपातकालीन सुविधाएं चालू रहेंगी। गंभीर रोगियों का इलाज किया जाएगा।
अध्यक्ष एपी गुप्ता व सचिव राजेश गुप्ता ने कहा कि आईएमए चिकित्सा प्रतिष्ठानों व डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए केंद्र सरकार से सख्त केंद्रीय कानून बनाने की मांग कर रहा है। जिससे डॉक्टरों या क्लीनिक पर हमला करने वालों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें तत्काल दंडित किया जाए। इस संबंध में पीएम को संगठन की तरफ से पत्र भी लिखा जा चुका है। उन्होंने मेडिकल क्षेत्र से जुड़े लोगों के साथ हिंसा की घटनाओं पर कड़ा विरोध जताया। इस दौरान डॉ आलोक पांडेय, डॉ एससी कौशिक, डॉ बबिता शुक्ला समेत अन्य लोग मौजूद थे।
दूसरे संगठनों ने भी दिया समर्थन
कोलकाता की घटना के विरोध में आईएमए के विरोध प्रदर्शन का उत्तर प्रदेश मेडिकल सेल्स रेप्रजेंटेटिव एसोसिएशन ने भी समर्थन दिया है। अध्यक्ष एसके डे व सचिव हेमंत कुमार ने कहा कि हम आईएमए के साथ हैं। नेशनल इंटीग्रेटेड मेडिकल एसोसिएशन ने भी आईएमए का समर्थन किया है। प्रांतीय कोषाध्यक्ष व जिलाध्यक्ष जेपी नारायण ने डॉक्टरों के साथ हिंसा की घटनाओं को अमानवीय बताया।
- शहर में पंजीकृत अस्पतालों, नर्सिंग होम की संख्या - लगभग 250
- प्रतिदिन मरीजों की संख्या, एक अस्पताल या नर्सिंग होम पर- 80 से 100
- प्रतिदिन संख्या- लगभग 25000 मरीज
( यह संख्या सामान्य ओपीडी के मरीजों की है। इसमें गंभीर रोग और आपातकालीन मरीजों की संख्या शामिल नहीं है)
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