- दुकानदार जेनरेटर चलाकर जैसे-तैसे बरकरार रख रहे हैं दवाओं की गुणवत्ता
गोरखपुर। यूं तो दवाएं बीमार लोगों को स्वस्थ करने के लिए दी जातीं हैं। लेकिन बिजली निगम है कि दवाओं को ही ‘बीमार’ बनाने पर तुला है। पूर्वांचल की सबसे बड़ी दवा मंडी भालोटिया बाजार में दुकानदार लो वोल्टेज और लोकल फाल्ट की वजह से कटौती से परेशान हैं। उनके सामने सबसे बड़ा संकट दवाओं की गुणवत्ता बनाए रखने का है। खासकर ऐसी दवाएं जिन्हें ठंडे स्थान पर रखा जाना जरूरी होता है। भीषण गर्मी में लो वोल्टेज की वजह से इन दवाओं को पर्याप्त ठंडे स्थान पर रख पाना चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है। दुकानदार जेनरेटर चला कर जैसे-तैसे समस्या का सामना कर रहे हैं।
बिजली निगम का तर्क है कि भालोटिया बाजार में लगे तार पुराने और जर्जर हो चुके हैं। उन्हें दोबारा बदल तक बिजली के खंभे से जोड़ने में खतरा है। बहुत परेशानी भी होगी। अंदर ट्रांसफार्मर लगाने का प्रयास किया गया था लेकिन कुछ दुकानदारों के विरोध से संभव नहीं हो सका। इसे बाद में कचहरी गेट पर लगाया गया। गोलघर और भालोटिया बाजार में भूमिगत तार बिछाने की योजना भी अधर में लटक गई है। इन्हीं वजहों से लो वोल्टेज और लोकल फाल्ट समस्या बनी हुई है।
दवा विक्रेता समिति के महामंत्री आलोक चौरसिया ने बताया कि लगातार निगम में इस संबंध में शिकायत की गई, लेकिन नतीजा नहीं निकल सका। बताया कि लो वोल्टेज और कटौती की वजह से दुकानदारों को अक्सर जेनरेटर चला कर कोल्ड चेन मेनटेन करनी पड़ती है।
दुकानदारों ने लिखित शिकायत नहीं दी है। लिखित शिकायत दें तो समस्या का समाधान निकालने का निगम पूरा प्रयास करेगा। इस समस्या के लिए जिम्मेदारों लोगों पर भी सख्ती से कार्रवाई की जाएगी।
- देवेंद्र सिंह, मुख्य अभियंता
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