रामगढ़ताल में गिर रहे नाले बंद होंगे, अतिक्रमण भी हटेगा
गंदगी देखने नाव से रामगढ़ताल में उतरे आला अफसर
कमिश्नर, जीडीए वीसी, नगर आयुक्त, जल निगम की टीम ने किया निरीक्षण
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की सख्ती के बाद रामगढ़ताल को सुरक्षित करने के लिए प्रशासनिक महकमा सक्रिय हो गया है। गुरुवार को कमिश्नर जयंत नार्लीकर की अगुवाई में जीडीए उपाध्यक्ष अमित सिंह, नगर आयुक्त अंजनी कुमार सिंह और जल निगम आदि विभागों के अफसरों की टीम ने नाव से भ्रमण कर ताल में गिरने वाले नालों को चिह्नित करने के साथ ही अतिक्रमण का भी जायजा लिया।
करीब दो घंटे तक चले इस निरीक्षण में जिन भी नालों का पानी ताल में गिरता हुआ पाया गया, कमिश्नर ने उन्हें तत्काल बंद करने का निर्देश दिया। इसी तरह राजस्व टीम को ताल से सटे रेलवे कॉलोनी, महादेव झारखंडी व सहारा इस्टेट के पास के इलाकों का भौतिक सत्यापन कर अतिक्रमण चिह्नित करने और उन्हें ध्वस्त करने को कहा गया। वेट लैंड के मामले में रामगढ़ताल से पांच सौ मीटर के दायरे में आने वाले सभी निर्माण को ध्वस्त कराने के साथ ही एनजीटी की हाई पॉवर कमेटी ने ताल में गिरने वाले सभी नालों को भी बंद कराने की एनजीटी से सिफारिश की है। इसके बाद कमिश्नर ने जल निगम, नगर निगम और जीडीए को तत्काल संबंधित नालों को चिह्नित कर बंद करने की कार्रवाई शुरू करने का निर्देश दिया था। गुरुवार की शाम पांच बजे से उन्होंने खुद संबंधित विभागों के अफसरों के साथ तीन नावों से ताल का निरीक्षण किया। हाईपॉवर कमेटी की रिपोर्ट के मुताबिक अभी भी 19 नालों का गंदा पानी सीधे ताल में गिर रहा है।