नोट - इंपैक्ट और पॉलिथीन को कहें ना का लोगो
बड़े कारोबारियों पर कार्रवाई, गीडा
में पॉलिथीन की तीन फैक्ट्रियां सीज
- जब्त पॉलिथीन को ट्रकों में भरकर गीडा साइट कार्यालय में रखा गया
- आज फिर फैक्ट्रियों को खोलने के बाद आगे की होगी जांच
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। पॉलिथीन के खिलाफ जिला और नगर निगम प्रशासन ने आखिरकार ठोस कार्रवाई शुरू कर दी। गुरुवार को गीडा में छापा मारकर पॉलिथीन बनाने वाली तीन फैक्ट्रियों को सीज कर दिया गया। साथ ही तीनों फैक्ट्रियों पर पुलिस की निगरानी बिठा दी गई है। यहां से जब्त करीब 48 बोरे पॉलिथीन को गीडा साइट में रखा गया है। शुक्रवार को फिर से इन फैक्ट्रियों को खोलने के बाद जांच होगी।
अमर उजाला ने जिला और नगर निगम प्रशासन की केवल छोटे दुकानदारों पर कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए खबर के साथ बेहतर परिणाम के लिए फैक्ट्रियों और थोक व्यापारियों के खिलाफ कार्रवाई का सुझाव भी दिया था। इसके बाद गुरुवार को ज्वाइंट मजिस्ट्रेट सरनीत कौर ब्रोका के नेतृत्व में टीम ने शाम सात बजे गीडा की फैक्ट्रियों पर छापा मारा। सेक्टर 13 के फैयद प्लास्टिक, एनबी इंडस्ट्रीज और बाला इंडस्ट्रीज से काफी मात्रा में प्रतिबंधित पॉलिथीन बरामद हुई। 48 बोरा पॉलिथीन को जब्त करने के बाद ट्रक में भरकर गीडा कार्यालय में रख दिया गया। एक अनुमान के अनुसार जब्त की गई पॉलिथीन का वजन पांच क्विंटल से ज्यादा है। शुक्रवार को जब इन फैक्ट्रियों में अब भी रखी हुई पॉलिथीन की पड़ताल होगी तब कुल मात्रा का आंकलन होगा। बाला इंडस्ट्रीज साधना वर्मा के प्लॉट पर संचालित है। साधना वर्मा ने इसे किराए पर देने की बात कही। इसके बाद ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने गीडा के अधिकारियों को वस्तुस्थिति जांचने और किसी आवंटी द्वारा किराए पर फैक्ट्री को देने के प्रावधान संबंधी रिपोर्ट तलब की है। इस दौरान तहसीलदार, एसएचओ सहजनवां, ईओ नगर पंचायत और गीडा के अधिकारी मौजूद रहे।
ठेले और छोटे दुकानदारों को नगर निगम की टीम ने समझाया
सिटी मजिस्ट्रेट अजीत कुमार सिंह और अपर नगर आयुक्त डीके सिन्हा के नेतृत्व में संयुक्त टीम ने गुरुवार को फिर गिरधरगंज बाजार में कार्रवाई की। इस दौरान दोनों अधिकारियों ने ठेले खोमचे वालों को पॉलिथीन का इस्तेमाल नहीं करने की हिदायत दी। कुछ दुकानदारों के पास ज्यादा पॉलिथीन मिलने पर आठ हजार रुपये जुर्माना वसूला गया। इंदिरा बाल विहार के पास सड़क किनारे गंदगी फैलाने पर खाद्य पदार्थ बेचने वाले दो फूड वैन पर दो-दो हजार रुपये जुर्माना लगाया गया। अपर नगर आयुक्त ने बताया कि अभियान का असर अब दिखने लगा है। छोटे दुकानदारों के पास भी काफी कम मात्रा में पॉलिथीन मिल रही है।
पॉलिथीन प्रतिबंध: मुकाम तक नहीं पहुंचा सका नगर निगम
गोरखपुर। बात 2013 की है। शहर के 10 वार्डों के अलावा गोलघर को भी नगर निगम ने पॉलिथीन मुक्त घोषित कर दिया था। 2015 में प्रदेश सरकार ने प्लास्टिक कैरी बैग को बनाने, उसे बांटने और खरीद पर पूरी तरह से रोक लगाई तो पॉलिथीन के खिलाफ जमकर अभियान चला। लेकिन यह मुकाम तक नहीं पहुंच सका। 2018 में वर्तमान प्रदेश सरकार की सख्ती के बाद नगर निगम फिर पॉलिथीन पर लगाम लगाने की कोशिश में लगा है। लेकिन इस अभियान का हश्र भी पहले की तरह न हो इसके लिए जरूरी है कि नगर निगम इसकी जड़ पर प्रहार करे। इसके उत्पादन और भंडारण पर पूरी तरह से लगाम लगाकर ही इस पर पूरी तरह से रोक संभव है। हालांकि अब नगर निगम ने इस दिशा में कदम उठाया है। पॉलिथीन के कारोबार के मुख्य बाजार साहबगंज में छापेमारी कर करीब 50 क्विंटल पॉलिथीन और थर्मोकोल जब्त किया जा चुका है।
वाट्सएप हमें मिली आपकी राय
- नगर निगम जड़ पर चोट ही नहीं कर रहा। जब उत्पादन बंद हो जाएगा तो बाजार में पॉलिथीन नहीं दिखेगी। सरकार को इस दिशा में प्रभावी कदम उठाना चाहिए। उत्पादन रोकने के पुख्ता इंतजाम करने चाहिए। - विनोद निषाद
लोगों पर भी हो जुर्माना
दुकानदारों के सामने तो रोजीरोटी का प्रश्न होता है। कोई भी ग्राहक बिना पॉलिथीन के सामान नहीं ले रहा है। ऐसे में खरीदारों पर जुर्माना लगे तो यह ज्यादा कारगर साबित होगा।
- मनीष कुमार श्रीवास्तव
चिप्स के पैकेट पर भी रोक लगे
पॉलिथीन के साथ ही चिप्स, ट्रेट्रा पैक समेत अन्य प्लास्टिक के पैकेट भी नाला चोक होने की बड़ी वजह हैं। सरकार को इस पर रोक के संबंध में विचार करना चाहिए। - रामनरेश
मानवश्रम जाया करता निगम
नगर निगम पॉलिथीन की रोकथाम के लिए शहर की गलियां छान कर मानवश्रम जाया कर रहा है। पॉलिथीन का उत्पादन ही बंद हो जाए तो काम आसान हो जाएगा। - राजन पांडेय
लोग भी बदलें अपनी आदत
बदलाव लोगों की भागीदारी के बिना संभव नहीं है। सब जानते हैं कि पॉलिथीन नुकसानदायक है। इसके बावजूद इसका इस्तेमाल करते हैं। लोगों को अपनी आदत बदलनी चाहिए। - प्रमोद कुमार साहनी