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अस्पतालों में ‘पानी’ के इलाज की दरकार
बस और रेलवे स्टेशन पर भी हाहाकार
जिला अस्पताल, मेडिकल कॉलेज, रेलवे बस स्टेशन व रेलवे स्टेशन पर पानी का इंतजाम फेल
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। भीषण गर्मी में शहर के सार्वजनिक स्थलों पर पेयजल का संकट गहरा गया है। ज्यादातर जगहों पर टोटियां व वाटर कूलर खराब हैं। अमर उजाला की टीम ने मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल, बस अड्डा, रेलवे स्टेशन की पड़ताल की। हर जगह व्यवस्था में खामियां ही मिलीं। पेश है रिपोर्ट।
रेलवे बस स्टेशन: पानी साथ लेकर आइए
वाटर पोस्ट से पानी की सप्लाई तो है लेकिन गर्मी के चलते उससे उबलता पानी बाहर निकल रहा है। जलनिकासी की व्यवस्था के अभाव में पानी पास में ही फै ला रहता है। हैंडपंप भी सूखे हैं। कचरे का अंबार है। विश्रामालय के पास छत की दीवार में सीलन है। बस का इंतजार कर रहे पवन श्रीवास्तव कहते हैं, प्यास लगी तो ठंडा पानी खोजने लगा। कहीं नहीं मिला। पानी की बोतल खरीद कर लाया हूं। शरद कहते हैं कि रोडवेज प्रशासन को ठंडे पानी का इंतजाम तो करना ही चाहिए।
मेडिकल कॉलेज : पानी इतना गर्म की
पीना तो दूर मुंह भी नहीं धो सकते
मेडिकल कॉलेज में ट्रामा सेंटर के बाहर लगी टंकी शो-पीस बन गई है। टोटियां खराब हैं। वाटर कूलर भी नहीं लगा है। सर्जरी, न्यूरो, ऑर्थो, ईएनटी, समेत अन्य वार्ड में भी वाटर कूलर नहीं है। सप्लाई का पानी इतना गर्म है कि इसे पीना तो दूर हाथ मुंह धोने से पहले भी कई बार सोचना पड़ता है। हालांकि मजबूरी में कई लोग शौचालय के पास लगे वॉश बेसिन से बोतल में पानी भरकर इस्तेमाल करते हैं।
जिला अस्पताल: ठंडा पानी भूल जाइए , हैंडपंप भी खराब है
जिला अस्पताल और महिला अस्पताल में आने वाले लोगों के लिए पीने के पानी का इंतजाम बड़ी समस्या है। जिला अस्पताल में इमरजेंसी और प्राइवेट वार्ड के सामने लगे हैंडपंप खराब हैं। अस्पताल आए तीमारदार राकेश पांडेय ने बताया, वाटर कूलर नहीं है। टंकी का पानी गरम है। बाहर से खरीद कर पानी लाते हैं। महिला अस्पताल में मैटरनिटी विंग के पीछे वाटर कूलर की स्थिति भी खराब है। एक ही टोंटी से पानी आ रहा है।
रेलवे स्टेशन : प्लेटफॉर्म छह और आठ पर संकट
गोरखपुर। रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म छह और आठ पर पानी की व्यवस्था ठीक नहीं है। प्लेटफार्म आठ पर वाटर पोस्ट से पानी की सप्लाई बंद है। जबकि प्लेटफार्म छह पर वाटर कूलर खराब है। खपत ज्यादा होने से अन्य प्लेटफार्म पर लगे वाटर कूलरों से भी ठंडा पानी नहीं आ रहा। यात्रियों का कहना है कि टंकी का पानी गरम है। ऐसे में वाटर कूलर की संख्या बढ़ानी चाहिए।
क्या कहते हैं यात्री
रेलवे बस स्टेशन पर पीने के पानी की व्यवस्था बदतर है। विश्राम स्थल के पास की छत बदहाल है । डर बना हुआ है कि कहीं छज्जा ऊपर ही न गिर जाएं। पवन श्रीवास्तव
जिला अस्पताल में रोजाना सैकड़ों लोग इलाज के लिए आते हैं साथ में तीमारदार भी होते हैं लेकिन यहां पानी की व्यवस्था बदतर है। वाटर कूलर खराब हैं। - राहुल मिश्रा