मंदिर की सुरक्षा के लिए पुलिस सहयोग कर रही।
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गोरखपुर। गोरखनाथ मंदिर की सुरक्षा केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के हवाले हो सकती है। गृह मंत्रालय के निर्देश पर पांच सदस्यीय टीम मंदिर में डेरा डाली है। पुलिस से तालमेल कर टीम ने मंदिर के चप्पे-चप्पे की सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी ली। पुलिस से सुरक्षा संबंधित रिपोर्ट भी मांगी गई है। पुलिस से सुरक्षा के लिए कई बिंदु पर तालमेल बनाए जाने पर फैसला हुआ है। मंदिर में अगर आग लगे तो उससे निपटने की व्यवस्था पर भी रिपोर्ट तैयार की जा रही है।
सीआईएसएफ के डीआईजी के नेतृत्व में पांच सदस्यीय टीम सोमवार को ही शहर पहुंच गई थी। पिछले चार दिनों से मंदिर में टीम है। श्रद्धालुओं की भीड़ के अलावा सीएम की सुरक्षा से जुड़े पहलुओं पर भी मंथन किया गया। सुरक्षा से जुड़ी जानकारियां गृह मंत्रालय को भेजी जाने पर भी सहमति बनी है। गोरखपुर पुलिस जल्द ही अपने स्तर से भी सुरक्षा व्यवस्था संबंधी रिपोर्ट तैयार कर टीम को सौंपेगी। टीम ने खुफिया एजेंसियों की सूचनाओं को लेकर भी सतर्कता बरतने पर जोर दिया। खुफिया एजेंसियों को मंदिर की सुरक्षा के प्रति और सतर्क किया जाएगा। एसएसपी डॉ. सुनील कुमार गुप्ता ने बताया कि सीआईएसएफ की टीम मंदिर के सुरक्षा की समीक्षा के लिए आई है। टीम का पुलिस सहयोग कर रही है।
पांच सदस्यीय टीम में दो फायर एक्सपर्ट
दिल्ली से आई पांच सदस्यीय टीम में दो फायर एक्सपर्ट भी हैं। वे मंदिर को आग से सुरक्षित करने के उद्देश्य से इनपुट जुटा रहे हैं। मंदिर में फायर सिस्टम का क्या इंतजाम, कहां किया जाए, उस पर मंथन जारी है।
बड़े मंदिरों की सुरक्षा संभालती है सीआईएसएफ
टीम में आए एक वरिष्ठ अफसर ने बताया कि बड़े मंदिरों, मेट्रो, कुंभ की सुरक्षा सीआईएसएफ के हाथों में होती है। रिपोर्ट के आधार पर ही मंदिर की सुरक्षा के बारे में फैसला गृह मंत्रालय को लेना है।