गोरखपुर। बुजुर्ग यात्रियों ने रियायती किराए पर रेल यात्रा की सुविधा का त्याग कर देश के प्रति जिम्मेदारी समझी है। पहले संख्या कम थी लेकिन अब बढ़ रही है। रेलवे ने भी आरक्षण आवेदन फार्म पर छूट छोड़ने का एक कॉलम बढ़ा दिया है। गोरखपुर आरक्षण केंद्र पर रोजाना तीन से चार वरिष्ठ नागरिक किराए में छूट नहीं ले रहे हैं।
एलपीजी सब्सिडी के बाद सक्षम लोगों से रेल किराए में सब्सिडी छुड़वाने में मिली यह दूसरी बड़ी कामयाबी है। रेलवे वरिष्ठ नागरिकों (58 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाएं) और (60 वर्ष से अधिक उम्र के पुरुष) को रेल किराए में 50 फीसदी छूट देती है। कौड़ीराम के बीएन राम ने किराए में छूट लौटा दिया। उन्हें गोरखपुर से जम्मू जाना था। बोले, हम सक्षम हैं तो छूट क्यों लें। रेलवे आरक्षण केंद्र के पर्यवेक्षक के मुताबिक किराए में छूट नहीं लेने वाले वरिष्ठ नागरिकों की संख्या बढ़ रही है। काउंटर और ऑनलाइन टिकट में महीने में करीब 100 वरिष्ठ नागरिक छूट नहीं लेते हैं।
एक बुजुर्ग यात्री ने सबसे पहले की थी पहल
गाजियाबाद के एक बुजुर्ग यात्री ने सबसे पहले किराए में मिलने वाली रियायत को छोड़ने की पहल की थी। तत्कालीन रेलमंत्री सुरेश प्रभु को पत्र के साथ 900 रुपये का चेक भेजते हुए कहा था कि मैं पूरा किराया अदा करने में सक्षम हूं। लिहाजा जम्मू-दिल्ली राजधानी के सेकंड एसी के टिकट का बाकी आधा किराया रेलवे को वापस कर रहा हूं।