फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भ्रष्टाचार पकड़ा, अब लीपापोती

विज्ञापन
विज्ञापन
गोरखपुर। नगर निगम के निर्माण कार्यों में गड़बड़ी और उसके बाद विभागीय लीपापोती के ये तीन मामले बानगी भर हैं। पिछले दो-तीन वर्षों में जब भी मेयर या नगर निगम के अधिकारी निर्माण कार्य की गुणवत्ता जांचने निकले हैं तब-तब ऐसी गड़बड़ी मिली है। लेकिन कार्रवाई के नाम पर हर बार निगम प्रशासन लीपापोती करता रहा है।
विज्ञापन

मेडिकल कॉलेज में जलभराव की समस्या दूर करने के लिए निर्माण कार्य की जिम्मेदारी नगर निगम दी गई है। लेकिन ठेकेदार द्वारा काम में काफी गड़बड़ी की जा रही है। वार्ड के पार्षद प्रभाकर पासवान ने घटिया निर्माण रुकवा कर निगम के अधिकारियों की इसकी जानकारी दी। काम रुका हुआ है, लेकिन देखा जाए तो इसमें जितनी धांधली ठेकेदार द्वारा की जा रही है, उससे बड़ी लापरवाही निगम के निर्माण विभाग के अधिकारियों की है। दरअसल किसी भी निर्माण कार्य की गुणवत्ता जांचने की पहली जिम्मेदारी क्षेत्र के अवर अभियंता की होती है। सहायक अभियंता, कार्यपालक अभियंता भी विभिन्न स्तरों पर निर्माण कार्य की गुणवत्ता जांचते हैं। अवर अभियंता की मौजूदगी में निर्माण सामग्री का इस्तेमाल होता है। सीसी रोड निर्माण के दौरान सीमेंट, बालू, कंक्रीट के मिश्रण का अनुपात समेत अन्य निर्माण सामग्री की गुणवत्ता देखने की प्राथमिक जिम्मेदारी अवर अभियंता की होती है, लेकिन अब तक ऐसी गड़बड़ी मिलने पर नगर निगम के निर्माण विभाग के अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई। ठेकेदार को भी चेतावनी देकर छोड़ दिया गया।

- निगम प्रशासन निर्माण कार्य में अधोमानक मिलने पर सख्त कार्रवाई के लिए कृतसंकल्प है। जहां भी ऐसी गड़बड़ी मिली है, उसकी जांच जारी है। गड़बड़ी मिलने पर ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही अगर इसमें निर्माण विभाग के अधिकारियों की लापरवाही सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

- अंजनी कुमार सिंह, नगर आयुक्त
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें