रेलवे के अनुपयोगी स्लीपरों की नीलामी में पहुंचे कुछ ठेकेदारों से खुलेआम रंगदारी मांगने रकम न मिलने पर बोली लगाने से रोकने की कोशिश का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। इस सूचना पर पहुंची पुलिस को देख मनबढ़ों ने फायरिंग करते हुए अपनी कार दौड़ा दी। घेराबंदी कर पुलिस ने शाहपुर क्षेत्र में चार को गिरफ्त में ले लिया लेकिन इनका एक साथी भागने में कामयाब रहा। कार से 2.84 लाख रुपये और 315 बोर का तमंचा भी बरामद हुआ है।
मंगलवार दिन में नीलामी की प्रक्रिया रेलवे निर्माण खंड के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी के कार्यालय में होनी थी। बताते हैं कि नीलामी की प्रक्रिया शुरू होने के वक्त ही पांच युवक परिसर के गेट पर खड़े हो गए और भीतर जा रहे तीन ठेकेदारों से रंगदारी के अंदाज में दो-दो लाख रुपये की मांग की। रकम न मिलने पर नीलामी में बोली लगाने से रोकने और जान से मारने की धमकी भी दी। इस जानकारी पर रेलवे के एक अफसर ने एसएसपी को फोन पर वाकया बताया। एसएसपी के निर्देश पर शाहपुर थाने के इंस्पेक्टर फोर्स के साथ रेलवे परिसर तक पहुंचे। पुलिस को देख पांचों पास मौजूद कार में सवार हुए और गाड़ी दौड़ा दी।
इंस्पेक्टर शाहपुर ओमहरि वाजपेयी के मुताबिक शाहपुर रोड पर कुछ आगे कार को घेरने में कामयाबी मिल गई लेकिन फोर्स के नजदीक पहुंचने तक एक युवक कार से निकल भागा। कार में मौजूद चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया। पिछली सीट पर रखे बैग में मौजूद 2.84 लाख रुपये और 315 बोर का तमंचा भी पुलिस ने कब्जे में लिया है।
इंस्पेक्टर के मुताबिक गिरफ्त में आए लोगों में शहर के गोरखनाथ क्षेत्र में रसूलपुर निवासी मोहम्मद रफी, खजनी के भदौरा निवासी अनूप यादव, राजस्थान के जोधपुर के सदापुरम निवासी हितेश जैन और मेरठ के अहमदनगर पुरवा निवासी सैफुल्ला हैं। इनके खिलाफ हत्या के प्रयास रंगदारी मांगने व धमकी देने के आरोपों में मुकदमा दर्ज किया गया है। इन लोगों ने फरार साथी का नाम राहुल सिंह बताया है। उसकी तलाश की जा रही है।