यहां गर्भवती को 24 घंटे इलाज की सुविधा होगी। रात को भी ऑपरेशन किए जा सकेंगे। अभी तक यह सुविधा जिला महिला अस्पताल में नहीं है। अब मरीजों को बीआरडी मेडिकल कॉलेज रेफर करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। गर्भवती की सारी जांचें भी हो सकेंगी। इसके साथ ही एनआईसीयू (न्यूयोनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट) गंभीर नवजातों के लिए लाइफ लाइन होगी।
एअरफोर्स के पास बने 100 बेड वाले सह सामान्य अस्पताल में टीबी मरीजों की जांच, इलाज और उन्हें भर्ती करने की सुविधा के साथ अन्य मरीजों के इलाज की भी बेहतर व्यवस्था की गई है। प्रसव के लिए लेबर रूम बनाया गया है। दांत और आंख के मरीज भी अच्छा इलाज पा सकेंगे। सभी तरह की पैथोलॉजी जांच कराई जा सकेगी। अल्ट्रासाउंड और एक्सरे की व्यवस्था भी होगी। टीबी मरीजों के लिए अलग से एक स्पेशल विंग संचालित की जाएगी।
इंसेफेलाइटिस मरीजों के इलाज के लिए जिले के तीन सीएचसी में मिनी पीआईसीयू का निर्माण कराया गया है। इंसेफेलाइटिस सीजन से पहले सीएम योगी आदित्यनाथ इनका लोकार्पण करके इन्हें क्रियाशील करने जा रहे हैं। इंसेफेलाइटिस पीड़ित बच्चों को पीकू में बेहतर और घर के पास ही इलाज मिल सकेगा। हर पीआईसीयू में तीन-तीन वेंटीलेटर युक्त बेड हैं। इनकी लागत सवा करोड़ रुपये है।
जिला महिला अस्पताल में जिस मॉड्युलर ओटी का सीएम शिलान्यास करेंगे, उसमें ऑपरेशन के दौरान संक्रमण का खतरा नहीं रहेगा। जिला अस्पताल में प्रस्तावित एमआरआई सेंटर से भी गरीबों को राहत मिलेगी। मुफ्त में ही जांच हो जाएगी।