पहले जिला अस्पताल, फिर बड़ी सीएचसी में विशेषज्ञ चिकित्सक की तैनाती
तर्कसंगत वितरण के अनुसार अस्पतालों पर विशेषज्ञ चिकित्सकों की होगी तैनाती
आशुतोष मिश्र
गोरखपुर। यूपी के सरकारी अस्पतालों की स्वास्थ्य सेवाओं में सुधर के लिए नई नीति लागू की गई है। अब सभी जिलों में विशेषज्ञ चिकित्सक तर्कसंगत वितरण के आधार पर तैनात किए जाएंगे। पहले जिला अस्पतालों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती होगी। इसके बाद उस जिले की सबसे अच्छे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) को डॉक्टर दिए जाएंगे। अन्य सीएचसी की बारी इसके बाद आएगी। इसका सर्कुलर गोरखपुर के सीएमओ को मिल चुका है। जल्द ही नई नियमावली के हिसाब से तैनाती दी जाएगी।
नई नियमावली के मुताबिक किसी जिले में किसी विधा के विशेषज्ञ चिकित्सक ज्यादा होंगे और बगल के जिलों में उनकी कमी होगी तो उन्हें वहां भी स्थानांतरित किया जा सकेगा। स्थानीय स्तर पर भी विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी दूर करने के लिए डीएम की संस्तुति लेकर सीएमओ को अपने अधीन कार्यरत डॉक्टरों को जिला अस्पताल से संबद्ध करने का आदेश दिया गया है। अधिकारियों का मानना है कि नई नीति से प्रदेश के जिला अस्पतालों और बड़ी सीएचसी की स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार आएगा।
आजमगढ़ मंडल को मिलेगी बड़ी राहत
आजमगढ़ मंडल के आजमगढ़, मऊ, बलिया जिले को इस नीति से बड़ी राहत मिलेगी। इन जिलों में करीब एक साल से एक भी रेडियोलॉजिस्ट नहीं हैं। इसके चलते वहां के मरीजों को गोरखपुर आना पड़ रहा है। जबकि गोरखपुर में कई रेडियोलॉजिस्ट तैनात हैं। नई नीति लागू किए जाने के बाद गोरखपुर में कार्यरत कुछ रेडियोलॉजिस्ट आजमगढ़ मंडल के जिला अस्पतालों में तैनात किए जा सकते हैं।
कोट
25 नवंबर को शासन ने डॉक्टरों के तर्कसंगत वितरण के संबंध में शासनादेश जारी किया है। इससे प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार आएगा। जिला अस्पतालों एवं बड़ी सीएचसी पर विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी दूर होगी। - डॉ. श्रीकांत तिवारी, सीएमओ गोरखपुर