सिद्धार्थनगर। छह माह पूर्व कार्यभार ग्रहण करने के बाद जिले के बीईओ, शिक्षकों व कर्मियों की कार्यप्रणालियों से दुखी होकर बीएसए ने ‘मन की बात’ की है। इसकी ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया में वायरल हुई है जिसके जरिए जनपद में बेसिक शिक्षा व्यवस्था को उन्होंने शर्मनाक बताया है। बुधवार सुबह से ही बेसिक शिक्षा अधिकारी राम सिंह का वायरल ऑडियो क्लिप चर्चा का विषय बना हुआ है।
अधीनस्थों की कार्यप्रणाली पसंद न आने के साथ ही निरंतर प्रयास के बावजूद सुधार न होने की व्यथा ‘मन की बात’ में व्यक्त की है। शिक्षकों को समाज का रचनाकार बताते हुए कहा कि प्राय: निरीक्षण में अधिकांश स्कूलों में शिक्षक समय से विद्यालय नहीं पहुंचते या समय पूर्व ही विद्यालय से चले आते हैं।
इतना ही नहीं तमाम शिक्षक बगैर किसी आवदेन के ही गायब रहते हैं, यह खेदजनक, दुखद व बेहद शर्मनाक है। दायित्व व गरिमा को भूलते जा रहे हैं। अच्छे कर्म के कारण ही शिक्षा विभाग में सेवा करने का अवसर मिला है। सीसीएल, मातृत्व अवकाश व अन्य अवकाश के लिए शासन स्तर से दबाव बनवाते हैं। उदारता पूर्वक व्यवस्था के तहत सही आवेदनों का निस्तारण कर दिया जाता है। इसके बाद भी गलत पैरवी के लिए प्रदेश के उच्च अधिकारियों से दबाव बनाया जाता है। जिले में 4500 शिक्षकों की कमी के साथ ही लगभग 400 शिक्षक, शिक्षिका विविध अवकाश पर हैं। बीएसए राम सिंह ने बताया कि शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार देने के लिए शिक्षकों को एक सकारात्मक संदेश देने का कार्य किया गया।
पंजीकृत 268, एमडीएम में दिखाया 275, मौके पर 175 बच्चे
ऑडियो क्लिप में मन की बात में बीते 27 नवंबर को कई विद्यालयों के निरीक्षण के दौरान बगैर नाम लिए एक स्कूल का उल्लेख करते हुए बीएसए ने कहा है कि पंजीकृत 368 बच्चे, एमडीएम में दिखाया 275, मौके पर उपस्थित मिले 175 बच्चे। कहा कि कुछ ऐसे भी शिक्षक, शिक्षिकाएं हैं, जो बेसिक शिक्षा की साख को बढ़ाने के साथ ही दायित्व व गरिमा को ध्यान में रख रहे हैं। बहरहाल कार्यभार ग्रहण करने के 6 माह बाद भी सुधार न लाने संबंधित ऑडियो क्लिप कहीं न कहीं उनकी लाचारी को दर्शाता है। साथ ही अधीनस्थों पर नियंत्रण न होना भी साबित हो रहा है।