गोरखपुर। डोपिंग के आरोपों का सामना कर रहे अर्जुन अवार्डी अंतरराष्ट्रीय पहलवान नरसिंह यादव ने सीबीआई की ओर चल रही जांच की धीमी प्रक्रिया पर सवाल उठाया है। कहा कि दो साल से सीबीआई मामले की जांच कर रही हैं, मगर अब तक क्लोजर रिपोर्ट तक फाइल नहीं की गई। जांच में पूरे सहयोग के बाद भी मामला ठंडे बस्ते में पड़ा। वर्ल्ड एंटी डोपिंग एजेंसी (वाडा) ने चार साल के लिए बैन लगाया है, जो 2020 में पूरा होगा। आखिर बैन पूरा होने के बाद रिपोर्ट मिलने का क्या फायदा होगा। 2019 से ओलंपिक खेलों के लिए क्वालिफाइंग मैच शुरू होंगे। पूरा भविष्य बर्बाद होने की कगार पर खड़ा है।
गोरखपुर के रीजनल स्पोर्ट्स स्टेडियम में आयोजित कुश्ती प्रतियोगिता में पहुंचे अंतरराष्ट्रीय पहलवान नरसिंह यादव ने बताया कि यह कोई आपराधिक मामला नहीं था। डोपिंग का आरोप मुझ पर लगाया गया तो खुद मैंने ही सीबीआई जांच की मांग की। कुश्ती मां जैसी है, इसके साथ गद्दारी नहीं कर सकता।
मेरे सुनहरे भविष्य को खराब करने की साजिश रची गई, आरोपी पकड़े में नहीं आए, कॅरिअर भी बेपटरी हो गया। उन्होंने सरकार से जल्द सीबीआई जांच पूरी कराने की मांग की। कुश्ती के वर्तमान हालात को खिलाड़ियों के लिए बेहद मुफीद बताया, कहा कि भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष, सांसद ब्रजभूषण शरण सिंह की अगुवाई में कुश्ती को नया आयाम मिला है। आगे भी ये सिलसिला जारी रहने की उम्मीद है।
ये हैं उपलब्धियां
2010 कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक, 2014 में आयोजित एशियन गेम्स में कांस्य और 2015 में आयोजित वर्ल्ड चैंपियनशिप में कांस्य पदक।