कमिश्नर ने कृषि और सिंचाई विभाग के अफसरों के साथ बैठक की।
गोरखपुर। मौसम के मिजाज को आंक पाना कठिन हो गया है। प्रशासनिक मशीनरी तय नहीं कर पा रही कि बाढ़ से निपटने की तैयारी करें या सूखे से। यही वजह है कि बाढ़ के साथ ही सूखे से निपटने की भी तैयारी शुरू कर दी गई है।
मंगलवार को कमिश्नर अनिल कुमार ने कृषि और सिंचाई विभाग के अफसरों के साथ बैठक कर सूखे से निपटने की तैयारियां जांचीं, जबकि बुधवार को एडीएम फाइनेंस, एसडीएम सदर और आपदा विभाग के संयोजक वाराणसी में सेना के अफसरों के साथ बैठक कर गत वर्षों में बाढ़ से हुई तबाही की जानकारी देने के साथ ही राहत एवं बचाव कार्य पर चर्चा करेंगे। अफसर यह भी बताएंगे कि उन्हें मदद के लिए सेना के कितने जवानों और अन्य संसाधनों की जरूरत पड़ सकती है। प्रदेश के 22 जिलों के अफसर इस बैठक में शामिल होंगे।
बैठक में कमिश्नर ने कहा कि उप निदेशक कृषि एवं सिंचाई विभाग के अधिकारी अपने संयुक्त हस्ताक्षर से बुधवार को खराब नलकूपों की सूची उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि सिंचाई एवं राजस्व विभाग लगातार नहरों की निगरानी सुनिश्चित करें। सिंचाई विभाग यह भी सुनिश्चित करे कि नहरों में टेल तक पानी पहुंचे। उन्होंने संयुक्त निदेशक कृषि को निर्देशित किया कि विगत वर्षों में हुई कम वर्षा को दृष्टिगत रखते हुए सिंचाई की पूरी तैयारी रखी जाए। उन्होंने नलकूप विभाग के अफसरों को निर्देश दिया कि वे यह तय करें कि सिंचाई में किसी प्रकार की समस्या न आने पाए।