गोरखपुर। केरल के कोझीकोड में निपाह वायरस से कई लोगों की मौत के बाद गोरखपुर के सीएमओ डॉ श्रीकांत तिवारी ने अलर्ट जारी किया है। इसके अनुसार निपाह वायरस संक्रमित चमगादड़ों के खाए फलों के जरिए इंसानों तक पहुंच रहा है। सीएमओ ने कहा कि खजूर, केला और आम के जरिए यह वायरस सबसे तेजी से फैल रहा है। अगर ये फल केरल से आए हैं तो निपाह वायरस का खतरा ज्यादा है।
लक्षण
प्रारम्भिक स्तर पर दिमाग में तेज जलन, सिरदर्द, पेटदर्द और तेज बुखार होता है। मरीज मानसिक रूप से सुस्त या भ्रमित अवस्था में होता है। कुछ मामलों में सांस लेने में दिक्कत होती है। 24 से 48 घंटे में लक्षण काबू में न हो तो इंसान कोमा में चला जाता है। कुछ देर बाद उसकी मौत हो जाती है।
सावधानियां
जानवरों, खास तौर पर चमगादड़ और सुअर से दूर रहें। खजूर खाने से परहेज करें। प्रभावित प्रदेशों की यथासंभव यात्रा न करें। संक्रमित रोगी एवं जानवर के पास बिना सुरक्षा उपाय के न जाएं। फलों या सब्जियों पर यदि पक्षियों के काटने के निशान हों तो न खाएं। चूंकि यह सुअरों से भी फैलता है इसलिए मांसाहार से बचें।
होमियोपैथी में तीन दवाएं कारगर
होमियोपैथिक चिकित्सक डॉ. रूप कुमार बनर्जी ने दावा किया कि होमियोपैथी में निपाह वायरस का इलाज है। वेरियोलिनिम 1000 की सप्ताह में एक गोली लगातार आठ सप्ताह तक या वेलाडोना 1000 की सप्ताह में दो गोली आठ सप्ताह तक या आर्सेनिकम एल्बम 30 की दो-दो गोली दिन में चार बार लगातार 15 दिन लेने से इस वायरस के प्रभाव में आने से बचा जा सकता है।