यूपी बोर्ड की परीक्षा की कॉपियों को जांचने के लिए मानक तय कर दिया गया है। शिक्षक को एक दिन में हाईस्कूल की 50 कॉपियां ही जांचनी होंगी। इससे बेहतर मार्किंग की जा सकेगी। विद्यार्थी की मेधा परखने में आसानी होगी। इंटरमीडिएट के शिक्षक को एक दिन में 40 कॉपियों की ही जांच करनी है।
मूल्यांकन शनिवार से शुरू हुआ है। पहले दिन तीन केंद्रों सेंट एंड्रयूज, एमजी इंटर और एमएसआई इंटर कॉलेज पर समय से कॉपियां पहुंच सकीं। तीन अन्य केंद्रों पर देर शाम तक कॉपियां पहुंचाई गईं। इन केंद्रों पर रविवार से मूल्यांकन प्रक्रिया तेज होगी। शनिवार को परीक्षा की कॉपियों की गिनती करवाई गई और उसे सुरक्षित कमरे में रखवाया गया। साथ ही मूल्यांकन पर्यवेक्षकों ने कॉपी जांचने और मार्किंग का तरीका बताया। यह सिलसिला दोपहर 12 बज तक चला। यदि विद्यार्थी ने प्रश्नोत्तर किया और उसका कुछ हिस्सा सही है तो मार्किंग जरूर की जानी चाहिए। प्रश्नोत्तर को पूरी तरह से खारिज करना ठीक नहीं है।
मूल्यांकन के दौरान परीक्षक अपने पास मोबाइल फोन नहीं रख सकेंगे। ऐसा हुआ तो कार्रवाई संभव है। इसकी मानीटरिंग सीधे जिला विद्यालय निरीक्षक करेंगे। परिषद के नियमों के मुताबिक मोबाइल फोन का इस्तेमाल पूरी तरह से प्रतिबंधित है।
मूल्यांकन का विरोध
माध्यमिक शिक्षक महासभा ने मूल्यांकन के बहिष्कार का आह्वान किया। महानगर मंत्री विनय कुमार पांडेय ने कहा कि जब तक वित्त विहीन शिक्षकों की सेवा नियमावली मानदेय व शिक्षकों की पुरानी पेंशन योजना बहाल नहीं की जाएगी। शिक्षक महासभा मूल्यांकन का विरोध करेगी।