गोरखपुर। आजमगढ़ के अपर मुख्य अधिकारी के नेतृत्व में वहां के अभियंताओं की टीम ने जिले का दौरा कर जिला पंचायत की ओर से बनवाई गई सड़कों की जांच कर रिपोर्ट शासन को भेज दी है। निर्माण कार्यों में गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर जहां अभियंताओं पर कार्रवाई होगी वहीं ठेकेदारों से रिकवरी भी होगी।
भाजपा सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री ने प्रदेश की सभी सड़कों को गड्ढा मुक्त करने का निर्देश दिया था। यह निर्देश जिला पंचायत के लिए भी था। जिला पंचायत की तरफ से 129 सड़कों पर मरम्मत का काम कराया गया। इसपर लगभग 14 करोड़ की धनराशि खर्च हुई, लेकिन शासन स्तर पर यह शिकायत की गई कि जिला पंचायत द्वारा कराए गए कार्य मानक के अनुरूप नहीं हैं। इसके बाद प्रमुख सचिव पंचायतीराज की तरफ से 32 जिलों में जिला पंचायत के कार्यों की जांच कराई गई। इसमें गोरखपुर भी शामिल था। विभागीय सूत्रों का कहना है कि टीम ने अपर मुख्य अधिकारी से विकास कार्यों की सूची मांगी। उन्हें 129 सड़कों की जो सूची दी गई उनमें से कुछ की उन्होंने जांच भी की। इसमें कई सड़कें मानक के विपरीत पाई गई। जांच रिपोर्ट में अभियंताओं के साथ-साथ ठेकेदारों को भी दोषी माना गया है।
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मुझे भी जानकारी मिली है कि आजमगढ़ की टीम ने सड़कों की जांच की है। रिपोर्ट शासन को भेजी गई है। इस मामले में कार्रवाई शासन स्तर से होगी।
- अशोक सिंह, अपर मुख्य अधिकारी