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डिप्टी सीएम ने नकल के ठेकेदारों को चेतावनी दी

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बस्ती। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की ओर से आयोजित प्रतिभा सम्मान समारोह के मुख्य अतिथि और प्रदेश के डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा ने नकल विहीन बोर्ड परीक्षा कराने के अपने मंसूबे साफ कर दिए। कहा कि बोर्ड परीक्षा की गरिमा मेंटेन की जाएगी। सीसीटीवी वाले विद्यालय ही परीक्षा केंद्र बन पाएंगे। कहा कि प्रवेश से लेकर नकल कराने और डिग्री दिलाने का ठेका लेने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई के साथ स्कूल को हमेशा के लिए डिबार किया जाएगा। शिक्षकों को भी निशाने पर रखा और कहा कि उन्हें अपने दायित्व का हर हाल में निर्वाह करना होगा। विद्यालयों में हर हाल में 220 दिन की पढ़ाई होगी। इसमें 20 दिन छूटे हुए विषयों को पूरा करने के लिए रखा गया है। कहा कि सरकार माध्यमिक शिक्षा परिषद और उच्च शिक्षा में सुधार करने जा रही है। आने वाले दिनों में मेधावी बच्चों को ही नौकरी मिलेगी। उनको रोजगार के सर्वाधिक अवसर दिए जाएंगे।
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डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि नकलविहीन परीक्षा कराने के लिए एबीवीपी वर्षों से लड़ाई लड़ रही है। उन्होंने मौजूद विद्यार्थियों से पूछा कि कितने लोग नकल चाहते हैं। अधिकतर ने हाथ उठाकर नकल का विरोध किया। डिप्टी सीएम ने विद्यार्थियों को नकल न करने और न करने देंगे की शपथ दिलाई। कहा कि प्रदेश के कुछ ऐसे स्कूल हैं, जो नकल कराने के लिए टेंडर निकालते हैं। ऐसे स्कूलों की पहचान कर ली गई है। उनके विरुद्ध कार्रवाई की तैयारी भी की जा रही है। परीक्षा के दौरान स्कूल से जुड़ा कोई भी व्यक्ति परीक्षा केंद्र से 200 मी. दूर रहेगा।
डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि कोई भी छात्र नकल नहीं चाहता। कहा कि आज लड़कियां लड़कों से अधिक अंक पा रही है। उनकी भागीदारी हर क्षेत्र में बढ़ रही है। कहा कि जो बच्चा माता-पिता की सेवा करता है, वह आगे बढ़ता है, गुरू और शिष्य के बीच पवित्र रिश्ता होना चाहिए। कहा कि आज बच्चे आने माता-पिता को स्वच्छता का महत्व बता रहे हैं, कई जगह तो बच्चे इसका उल्लंघन करने वाले माता-पिता पर आर्थिक जुर्माना तक लगा रहे हैं। कहा कि विद्यालय से अधिक घर का माहौल स्वच्छ होना चाहिए। जब बच्चों को घर स्वच्छ वातावरण मिलेगा तो वह स्कूल को भी स्वच्छ रखेगा।
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माननीयों का सम्मान करें अधिकारी
डिप्टी सीएम ने अफसरों से कहा कि वह हर माननीयों का सम्मान हर हाल में करना चाहिए। उनकी बात सुननी चाहिए और यथा संभव उसका हल भी निकालना चाहिए। कहा कि अगर जिले में कोई समस्या हल नहीं होती तो लखनऊ में प्रत्येक सोमवार को एक साथ सभी मंत्री बैठकर हल निकालेंगे। इसी तरह प्रत्येक मंगलवार को सीएम सभी माननीयों से मुलाकात करेंगे।
इतिहास की जानकारी बच्चों को दी जाएगी
डिप्टी सीएम ने कहा कि वह ऐसी व्यवस्था करने जा रहे हैं जिसके तहत बच्चों को इतिहास के बारे सही जानकारी दी जाएगी। बच्चों को बताया जाएगा कि कौन देशभक्त और कौन सही मायने में नहीं रहा।
सबका साथ सबका विकास
डिप्टी सीएम ने मंच से सभी को पीएम मोदी के सभी का साथ सभी का विकास के नारे के बारे में बताते हुए कहा कि आने वाले कुछ ही दिनों में आमजन को परिणाम मिलने लगेगा। देश को आगे ले जाने के लिए जो प्रयास पीएम मोदी कर रहे हैं, उसका शीघ्र ही परिणाम आने वाला है।
सदर विधायक को मिला अधिक सम्मान
इस कार्यक्रम में सदर के विधायक दयाराम चौधरी को अन्य माननीयों से अधिक सम्मान मिला। उनके लिए मंच पर सीएम के बगल में बैठने की व्यवस्था बनाई गई थी। जबकि सांसद हरीश द्विवेदी, सांसद जगदंबिका पाल, हर्रैया विधायक अजय सिंह, कप्तानगंज के सीपी शुक्ल और जिलाध्यक्ष पवन कसौधन सहित अन्य प्रमुख नेताओं को पंडाल में बैठाने की व्यवस्था चर्चा का विषय रही।
जिलाध्यक्ष को मंच से धकेला
मंच पर जैसे ही भाजपा जिलाध्यक्ष पवन कसौधन बैठने को हुए तो एबीवीपी के क्षेत्रीय संगठन मंत्री राकेश मौर्य का ने एक तरह से मंच से धकेल दिया, जिलाध्यक्ष गिर पड़े। कार्यकर्त्ता अभिनव उपाध्याय ने बताया कि एबीवीपी वालों ने भाजपा कार्यकर्ताओं को अपमानित किया। उन लोगों ने डिप्टी सीएम को सम्मानित नहीं करने दिया। मंच के उतरने के बाद गुलदस्ता देकर सम्मानित किया गया।
30 मेधावियों को डिप्टी सीएम ने किया सम्मानित
वैसे तो कुल आठ सौ मेधावियों को सम्मानित करने की योजना थी। मगर समयाभाव के चलते डिप्टी सीएम ने 30 को ही सम्मानित किया। 10वीं के 80 फीसदी अंक, 12वीं के 70 फीसदी और बीएससी के 65 फीसदी अंक पाने शामिल किए गए थे।
मंच पर एबीवीपी का रहा कब्जा
प्रतिभा सम्मान समारोह पर एबीवीपी का कब्जा रहा। मंच पर नगर मंत्री अभिनव सिंह, कार्यक्रम अध्यक्ष डॉ. एसपी सिंह, क्षेत्रीय संगठन मंत्री राकेश मौर्य विराजमान रहे। एबीवीपी के जिला प्रमुख अनुपम सिंह का विशेष योगदान रहा।
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