गोरखपुर।
मेडिकल कॉलेज प्रकरण में दर्ज केस के मुख्य आरोपी डॉ. राजीव मिश्रा और उनकी पत्नी डॉ. पूर्णिमा शुक्ला को लेकर जेल में खास इंतजाम होंगे। जेल प्रशासन उनकी सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरत रहा है। बुधवार को बैठक कर फैसला लिया गया कि यदि दोनाें जेल आए तो इन्हें आम बंदियों से अलग बैरक में रखा जाएगा। डॉ. राजीव को नेहरू और डॉ. पूर्णिमा को महिला बैरक में रखे जाने की तैयारी है।
एनआरएचएम घोटाले के अभियुक्तों की जेल में संदिग्ध मौत को देखते हुए जेल प्रशासन विशेष सतर्कता बरत रहा है। सुरक्षा के मद्देनजर जेल प्रशासन ने बुधवार को बैठक में तय किया है कि दस-दस की संख्या में आदर्श कैदी इनकी सुरक्षा में रहेंगे। खाना पहले चखा जाएगा और फिर दोनों को खाने को दिया जाएगा। जेल में दोनों की 24 घंटे निगरानी की जाएगी। इसके लिए दस-दस आदर्श कैदियों की सूची भी तैयार की जा रही है। जेलर रामकुबेर सिंह ने बताया कि यदि दोनों को जेल भेजा जाएगा तो सुरक्षा में कोई कमी न होने पाए, इसके लिए जेल प्रशासन पूरी तरह से तैयार है। डॉक्टर दंपती को आम कैदी की तरह नहीं रखा जाएगा। इनकी विशेष निगरानी की जाएगी।
जेल में हमले को लेकर विशेष सतर्कता
आमतौर पर जघन्य अपराध के आरोपी के जेल में दाखिल होते ही हमले का डर बना रहता है। कैदी ऐसे आरोपियों की पिटाई कर देते है। इसे लेकर जेल प्रशासन विशेष तौर पर सतर्क है कि यदि डॉक्टर दंपती जेल लाए गए तो कैदी इन पर हमला न करने पाए।
दूसरे चर्चित दंपती होंगे डॉ. राजीव
गोरखपुर जेल में अगर डॉक्टर राजीव मिश्रा और उनकी पत्नी डॉ. पूर्णिमा को रखा गया तो ये यहां रखे जाने वाले दूसरे चर्चित दंपती होंगे। मधुमिता हत्याकांड में सजायाफ्ता पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी और उनकी पत्नी मधुमणि त्रिपाठी पहले से जेल में बंद हैं। अमरमणि अपने रसूख को लेकर हमेशा चर्चा में बने रहते हैं।