गोरखपुर।
मानक की अनदेखी कर हॉस्पिटल व नर्सिंग होम बनवाने वाले डॉक्टरों को गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) लगातार मौका दे रहा और डॉक्टर हैं कि प्राधिकरण को ठेंगा दिखा रहे हैं। शहर के ऐसे 180 नर्सिंग होम को जीडीए ने दो महीने पहले नोटिस जारी किया था। जवाब न देने पर रिमाइंडर भी जारी हुआ। मगर सिर्फ 29 लोगों ने मानचित्र समेत जवाब दिए। इनमें भी 25 का जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया।
अब नए जीडीए उपाध्यक्ष वैभव श्रीवास्तव ने भी अवैध निर्माण को लेकर सख्ती दिखाई है। शनिवार को चीफ इंजीनियर समेत सभी सहायक और अवर अभियंताओं के साथ बैठक कर उन्होंने ऐसे सभी नर्सिंग होम को फिर से रिमाइंडर भेजकर सात दिन के भीतर जवाब मांगने को कहा। उन्होंने कहा कि नोटिस में यह स्पष्ट हिदायत दी जाए कि मानचित्र के बिना या उसके मुताबिक निर्माण नहीं होने पर संबंधित नर्सिंग होम मालिक कंपाउडिंग जमा करें नहीं जीडीए ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करेगा।
इसी तरह उन्होंने शहर के 58 मैरेज हाल को भी नोटिस देने का निर्देश दिया है। इन मैरेज हॉल के मालिकों ने भी बिना मानचित्र के निर्माण कराया है या फिर निर्माण में मानचित्र की अनदेखी की है। उन्होंने सभी सहायक और अवर अभियंताओं को चेताया है कि अवैध निर्माण हुआ तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई तय है।