गोरखनाथ मंदिर में सीएम के जनता दर्शन में उमड़ी भीड़।
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रविवार को गोरखनाथ मंदिर के हिंदू सेवाश्रम में मुख्यमंत्री का जनता दरबार लगा। इसमें तीन हजार से अधिक लोग अपनी फरियाद लेकर आए, जबकि दो सौ लोगों से ही उनकी मुलाकात हो पाई। बाकी लोगों का प्रार्थना पत्र लेकर वापस कर दिया गया। दूर-दूर से मिलने की उम्मीद लेकर आए फरियादी जब सीएम से नहीं मिल पाए तो निराश होकर लौट गए। हालांकि वहां के कर्मचारियों ने उनसे कहा कि निराश न हों, काम होगा।
सुबह रुद्राभिषेक के बाद जब योगी हिंदू सेवाश्रम पहुंचे तो पेड़ के नीचे कतार में भारी संख्या में लोग खड़े थे। बाहर ही उन्होंने करीब 70 से 75 लोगों से मिलकर उनका प्रार्थना-पत्र लिया। उनकी बात सुनी और उनसे कहा कि घबड़ाए नहीं, उनकी समस्याओं का समाधान होगा। उसके बाद वह अंदर हाल में चले गए। वहां फरियादियों के लिए कुर्सी लगी थीं। वहां बैठे लोगों के पास बारी-बारी से सीएम पहुंचते और उनका प्रार्थना पत्र लेकर साथ चल रहे कर्मचारी को देते रहे। इस दौरान महिला और पुरुष दोनों से अलग-अलग मिलकर उन्होंने उनकी बातें सुनीं। जो भी सीएम से मिलता था, प्रार्थना पत्र देने के साथ ही उसने अपनी बात भी कहता था। इसमें अधिकतर मामले जमीन से संबंधित थे। करीब आधा घंटा फरियादियों से मिलने के बाद वह तिलक हाल के कार्यक्रम में आ गए।
इधर बहुत से लोग कार्यालय के पास भी सीएम से मिलने के लिए खड़े थे पर किसी से मुलाकात नहीं हो पाई। बहुत से लोग न मिलने की कसक लिए चले गए। मंदिर प्रबंधन का कहना है कि भीड़ इतनी ज्यादा थी कि सबका सीएम से मिल पाना संभव नहीं था। सबके शिकायती पत्र ले लिए गए हैं, इनका निस्तारण जिम्मेदार अफसर कराएंगे। पत्र मुख्यमंत्री दफ्तर के अफसर लेकर गए हैं।