संतकबीरनगर। सद्गुरु कबीर के 619 वीं जयंती के अवसर पर दूसरे दिन मंगलवार को भी मगहर कबीर चौरा और कसरवल स्थित कबीर धुनी पर कार्यक्रम आयोजित हुआ। कबीरधुनी कसरवल में कबीरपंथी संत, महात्माओं और सिख धर्म के अनुयायिओं का अनूठा संगम दिखा। इस दौरान बीजक पाठ, हवन और भंडारे का कार्यक्रम भी संपन्न हुआ। कबीर साहेब की जयंती के अवसर पर देश के अलग-अलग क्षेत्रों से कबीर पंथियों का आगमन मंगलवार को भी मगहर कबीर चौरा पर हुआ। कबीर चौरा मठ के महंत विचारदास व हरियाणा के महंत नरेंद्र दास के नेतृत्व में दूसरे दिन मंगलवार को सुबह सात बजे कसरवल स्थित कबीर धुनी पर कबीर पंथी एकत्र हुए। जहां पर पहले परिसर की सफाई, पूजन, हवन और आरती की गई। इस दौरान कबीर धुनी पर पांचों संत श्री गोरखनाथ, कबीर साहेब, गुरु रविदास जी, गुरुनानक देव जी और वैष्णव संत केशर दास जी के मिलन पर विस्तार से चर्चा की गई। इसके बाद प्रसाद का वितरण किया गया। फिर साधू संतों और कबीर के अनुयायियों का जत्था मगहर स्थित कबीर निर्वाण स्थली पर पहुंचा। जहां पर विशाल लंगर का आयोजन किया गया। इसमें साधू, संतों के अलावा दूर दराज से आए श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। कार्यक्रम के अंत में महंत विचारदास ने कार्यक्रम में आए सभी साधू संतों को विदा किया और सभी श्रद्धालुओं को आशीर्वाद दिया। इस मौके पर संतकबीर गुरुद्वारा कसरवल के बाबा अमरीक सिंह, संत केशवदास, डॉक्टर हरिराम शास्त्री, अवधेश सिंह, राजेंद्र दास, रामलखन दास उर्फ लाल बाबा, मुरारी लाल गुप्त, रविप्रकाश पांडेय, रामसेवक दास, शांतिदास, अरविंद दास शास्त्री, राघव दास आदि उपस्थित रहे।