मुक्तिपथ के व्यवस्थापक ने धर्मेंद्र साहनी काे पुरस्कृत किया।
- फोटो : amar ujala
बड़हलगंज। कहते है मरने वाले को बचाने वाला भगवान सरीखा होता है। बड़हलगंज में इंटर का छात्र धर्मेंद्र विवाहिता के लिए भगवान साबित हुआ। बड़हलगंज पुल से सरयू में जान देने के लिए कूदी विवाहिता को उसने अपनी जान की परवाह किए बगैर बचाया। क्षेत्र के लोग धर्मेंद्र के जज्बे और साहस को सलाम कर रहे हैं।
इलाके के सहड़ौली छपिया निवासी खोटने की बेटी काजल का विवाह गगहा के डेमुसा निवासी आनंद से हुआ है।
शुक्रवार की दोपहर काजल पैदल ही बड़हलगंज पुल पर पहुंची और नदी में छलांग लगा दी। आसपास मौजूद लोग शोर मचाने लगे। इस बीच वहां से गुजर रहे स्थानीय निवासी व इंटर के छात्र धर्मेंद्र साहनी अपनी जान की परवाह न करते हुए नदी में छलांग लगा दी और काजल को सकुशल बाहर निकाल लिया। धमेंद्र के साहस को सलाम करते हुए मुक्तिपथ के व्यवस्थापक और उद्योग व्यापार मंडल के जिला महामंत्री महेश उमर ने उन्हें पुरस्कृत किया। उधर महिला ने पुलिस को बताया कि वह पति के झगड़े से परेशान थी। बृहस्पतिवार की रात झगड़ा होने के बाद वह घर छोड़कर चली आई थी। पुलिस ने विवाहिता को उसके मायके वालों के साथ भेज दिया।
नोट: आपको हमारी यह स्टोरी कैसी लगी इस पर अपना फीडबैक नीचे बने कमेंट बॉक्स में जरूर दें।