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तीन माह बीते, सिर्फ पांच ही हुए ‘आयुष्मान’

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health-insurance - फोटो : Pixabay
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सिद्धार्थनगर। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (आयुष्मान भारत योजना) का शुभारंभ 23 सितंबर को पीएम ने किया था। इसके तहत 2011 के सामाजिक-आर्थिक और जातिगत जनगणना में गरीब के तौर पर चिह्नित लोगों को पांच लाख तक का मुफ्त इलाज दिया जा जाना है। जिले में इस योजना के तहत एक लाख 17 हजार परिवार लाभान्वित होने हैं। अब तक योजना के तहत सिर्फ पांच लाभार्थी ही योजना का लाभ ले सके।
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योजना के तहत 69 क्यूआर कोड वाले कार्ड जिले में आए। 28 नवंबर को प्रशासन की ओर से कुछ लाभार्थियों को जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में कार्ड बांटे गए। उन्हें बताया गया कि इस कार्ड के जरिए वह जिला अस्पताल सहित शहर के दो अस्पतालों में पांच लाख तक के इलाज निशुल्क करा सकते हैं। इसके बाद विभाग का दावा है कि 28 नवंबर के बाद से अब तक 69 हजार लोगों को क्यू आर कोड वाले पत्र आशा और आंगनबाड़ी वर्कर के सहयोग से बांटे जा चुके हैं। अब तक विभाग एक हजार लोगों को गोल्डेन कार्ड भी उपलब्ध करा चुका है। लेकिन इलाज की बात करें तो अब तक महज पांच मरीजों को ही आयुष्मान योजना का लाभ मिल सका है।

सहज जन सेवा केंद्र पर भी बनवा सकेंगे हेल्थ कार्ड
आयुष्मान योजना के नोडल अधिकारी डॉ प्रशांत अस्थाना ने बताया कि सहज जन सेवा केंद्र पर भी परिवार का मुखिया हेल्ड कार्ड बनवा सकता है। इसके लिए उसे महज 30 रुपये खर्च करने होंगे। हेल्थ कार्ड में परिवार के मुखिया का नाम, पता, परिवार की संख्या और सदस्यों का नाम दर्ज रहेगा।
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जिला अस्पताल सहित दो अस्पताल ही हो सके शामिल
आयुष्मान योजना के तहत अब तक केवल जिला अस्पताल सहित दो अस्पताल ही शामिल हो सके है। इनमें वीपीएल और फातिमा मैंटरनिटी हॉस्पिटल शामिल हैं। इनमें तीन का इलाज जिला अस्पताल में हुआ और दो का वीपीएल हॉस्पिटल में।

आयुष्मान योजना के तहत कार्डों का वितरण किया जा रहा है। अब तक जितने मरीज आए हैं। उनको लाभ दिया गया है। रही बात मरीजों की संख्या कम होने की तो इसकी वजह जागरूकता है। इसके लिए लोगों को जागरूकता किया जाएगा।
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- डॉ प्रशांत अस्थाना, नोडल अधिकारी आयुष्मान योजना
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