गोरखपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के कामकाज की सराहना की। उन्होंने कहा कि 22 करोड़ की आबादी वाले उत्तर प्रदेश में परिवर्तन साफ दिखाई दे रहा है। सांसद के बाद मुख्यमंत्री के रूप में अपनी इस पारी को उन्होंने जिस रूप में नई व्यवस्थाएं बनाने में खेला है, वह दूसरों को प्रेरणा देने वाली है।
महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के स्थापना समारोह पर उन्होंने कहा कि पहली बार यूपी में समर्थन मूल्य पर धान-गेहूं खरीद की व्यवस्था शुरू हुई। समय से किसानों को गन्ने का भुगतान हो रहा है। कानून व्यवस्था काफी चुस्त-दुरुस्त हो गई है। शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, हर क्षेत्र में उत्तर प्रदेश आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि मदन मोहन मालवीय ने 1916 में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय की स्थापना की, जबकि संस्कृति, परंपरा को संरक्षित करने के लिए महंत दिग्विजयनाथ ने 1932 में महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की स्थापना कर मालवीय जी के प्रयासों को आगे बढ़ाया। इन प्रयासों को और आगे बढ़ाने का काम परिषद के मुखिया योगी आदित्यनाथ कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे भगवान श्रीराम के ननिहाल से आए हैं।
डॉ. रमन ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान अब विकास से होती है। हिंदुस्तान में उत्पादित होने वाले कुल स्टील का 22 फीसदी छत्तीसगढ़ से आता है। सीमेंट के कुल उत्पादन में 16 फीसदी तथा एल्युमीनियम में 18 फीसदी भागीदारी छत्तीसगढ़ की है। छत्तीसगढ़ 22 हजार मेगावाट पॉवर का जनरेशन करता है।
मेहनत का कोई विकल्प नहीं
शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों से रूबरू होते हुए डॉ. रमन सिंह ने कहा कि कल के संघर्ष के लिए कैसे आज अपने को मजबूत किया जाए, इसकी तैयारी करनी चाहिए। इसके लिए जरूरी है कड़ी से कड़ी मेहनत। मेहनत का कोई विकल्प नहीं हो सकता। न केवल शिक्षा बल्कि शारीरिक रूप से फिट रहने के लिए खेल में भी अपनी गतिविधियां बढ़ाएं।