एमएमएमयूटी में अब जरूरत के हिसाब से बदले जाएंगे प्रश्नपत्र
- कुलपति द्वारा गठित कमेटी को दिया गया अधिकार
- विद्या परिषद की बैठक में लिए गए कई महत्वपूर्ण निर्णय
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। एमएमएमयूटी की विद्या परिषद ने कैंपस में लागू मॉडरेशन नियमों में बदलाव किया है। अब कुलपति एक कमेटी गठित करेंगे, जो जरूरत के हिसाब से प्रश्न पत्र को बदल सकेगी। विभागाध्यक्ष इसके संयोजक होंगे और कुलपति इस कमेटी में अलग से विषय विशेषज्ञों को नामित करेंगे। इसके अलावा नेट जेआरएफ उत्तीर्ण को भी पीएचडी में प्रवेश दिए जाने का निर्णय लिया गया।
कुलपति प्रो. एसएन सिंह की अध्यक्षता में बुधवार को विद्या परिषद की बैठक में ये निर्णय लिए गए। इससे पहले शिक्षकों द्वारा प्रश्न पत्र तैयार करने के बाद उसे विभागाध्यक्ष द्वारा रेंडम आधार पर नामित शिक्षकों की कमेटी चेक करती थी मगर प्रश्नों में बदलाव नहीं करती थी। अब कमेटी चाहे तो प्रश्नों को बदल भी सकेगी। एमएमएमयूटी के मीडिया प्रभारी दयाशंकर सिंह ने बताया कि यूनिवर्सिटी में अगले सत्र से बीबीए पाठ्यक्रम लागू किए जाने, बीटेक प्रवेश परीक्षा में अगले सत्र से गणित के 50 की जगह 60 सवाल पूछने व रसायन के 50 की जगह 40 सवाल पूछने को भी स्वीकृति दी गई। भौतिकी के पहले की ही तरह 50 सवाल शामिल रहेंगे। बीटेक अंतिम वर्ष में पंजीयन के पूर्व एनएसएस, एनसीसी या एनएसओ आदि में कोई एक क्रियाकलाप पूर्ण करना होगा। पहले यह अध्ययन के प्रथम दो वर्षों में पूरी करनी होती थी। इसके अलावा शैक्षणिक क्रियाकलाप समिति द्वारा छात्रों के लिए ट्रांसक्रिप्ट शुल्क एक हजार रुपये निर्धारित किए जाने को मंजूरी दी गई।
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कक्षाओं का समय भी बदला
गोरखपुर। विद्या परिषद ने इसी सत्र से कक्षाओं की समय सारिणी व कार्यालय खुलने व बंद किए जाने के समय में बदलाव किया है। कैंपस के कार्यालय अब सुबह 9:15 बजे खुलेंगे और शाम को 5:15 बजे बंद होंगे। बीच में एक घंटे का भोजनावकाश होगा। द्वितीय शनिवार को छोड़ कर शेष शनिवार को सुबह 9:15 बजे विश्वविद्यालय खुलेगा और दोपहर 1:30 बजे बंद होगा।