फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हर आंख नम, जुबां पर-अटल अमर रहे

Sun, 26 Aug 2018 02:11 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
विज्ञापन
अटल बिहारी वाजपेयी की अस्थि कलश यात्रा। - फोटो : amar ujala
विज्ञापन
गोरखपुर। मैं जी भर जिया, मैं मन से मरूं, लौटकर आऊंगा, कूच से क्यों डरूं ?... पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की कविता ‘मौत से ठन गई’ की ये पंक्तियां उनकी अस्थि कलश यात्रा रथ के दोनों तरफ दर्ज थीं, तो इसका सार पूरी यात्रा के दौरान उनके चाहने वालों की जुबां पर । हर आंख नम थी और यात्रा मार्ग ...अटल अमर रहे के जयघोष से गूंजता रहा। यात्रा जहां से गुजरी सड़क के दोनों तरफ लोग कतारबद्ध खड़े रहे। फूलों की बारिश होती रही और इस भावुक पल को मोबाइल और कैमरों में कैद करने के लिए लोगों में होड़ मची रही। जगह-जगह लोगों ने यात्रा का जोरदार स्वागत किया। कहीं स्थानीय लोग स्वागत में खड़े रहे तो कहीं व्यापारी, कहीं अधिवक्ता। श्रद्धांजलि सभा के बाद 4:25 बजे नेपाल क्लब से अस्थि यात्रा निकली। अस्थि रथ के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और फिर हजारों की संख्या में पैदल चल रहे भाजपा नेता-कार्यकर्ता, शहर के लोग और गाड़ियों की लंबी कतार। अस्थि रथ पर नगर विधायक डॉ राधा मोहन दास अग्रवाल, भाजपा महानगर अध्यक्ष राहुल श्रीवास्तव और भाजयूमों के पूर्व प्रदेश महामंत्री योगेश सिंह मौजूद रहे। रथ के पीछे गाड़ी में बैठे मुख्यमंत्री पूरी यात्रा के दौरान भावुक नजर आए।

डेढ़ घंटे में राप्ती तट पहुंची

नेपाल क्लब से शुरू हुई अस्थि कलश यात्रा हरिओम नगर, जिला परिषद रोड, कचहरी चौराहा, शास्त्री चौक, अलहदादपुर, टीडीएम, तुर्कमानपुर होते हुए करीब डेढ़ घंटे में राजघाट स्थित राप्ती नदी के तट पर पहुंची। मंत्रोच्चार के बीच मुख्यमंत्री योगी ने जैसे ही नदी में अस्थि कलश प्रवाहित किया पूरा घाट एक बार फिर अटल के नाम से गूंज उठा।

सड़क-छतों से बरसते रहे फूल

गोरखपुर। करीब छह किलोमीटर की यात्रा के दौरान सड़क किनारे, घरों और दुकानों की छतों से फूलों की बारिश होती रही। हरिओम नगर, एमपी बालक स्कूल, जिला परिषद कार्यालय, कचहरी चौराहा, शास्त्री चौक, सेंट एंड्रयूज इंटर कॉलेज, बेतियाहाता चौराहा, टीडीएम तिराहा, तुर्कमानपुर, राजघाट समेत विभिन्न स्थानों पर यात्रा का जोरदार स्वागत हुआ। अलहदादपुर में घरों की छतों से महिलाओं ने फूल बरसाए। टीडीएम से लेकर राजघाट तक सड़क के दोनों तरफ खड़े युवाओं, बुजुर्गों और बच्चों ने फूल बरसाकर- जब तक सूरज चांद रहेगा, अटल आपका नाम रहेगा, अटल अमर रहे जैसे गगनभेदी नारे लगाए।

पूरे रास्ते अटल का ही गुणगान

अस्थि कलश यात्रा के दौरान विभिन्न दलों के पदाधिकारी हो या कार्यकर्ता, युवा हो या बुजुर्ग, व्यापारी हो या अधिवक्ता सभी के जुबां के सिर्फ अटल जी का ही नाम था। लोग उनकी खूबियां गिनाते नहीं थक रहे थे। उनके निधन को हर किसी ने अपूरणीय क्षति बताया।

मुस्तैद रहे प्रशासन, पुलिस के अफसर

मुख्यमंत्री की सुरक्षा और अस्थि कलश यात्रा में लगे सैकड़ों की संख्या में पुलिस व प्रशासन के अफसर पूरी यात्रा तक हांफते रहे। सड़क के दोनों तरफ खड़ी भारी भीड़ की वजह से मुख्यमंत्री की गाड़ी के दोनों तरफ एनएसजी और पुलिस के अफसरों ने रस्सी से घेरा बनाए रखा। बावजूद इसके लोगों को संभालने में उन्हें पसीना बहाना पड़ा। यात्रा मार्ग पर पड़ने वाले घरों की छतों पर भी भारी संख्या में पुलिस वाले मुस्तैद दिखे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें