गोरखपुर। सीएमओ डॉ. श्रीकांत तिवारी ने मंगलवार को कई स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान कई डॉक्टर और कर्मचारी अनुपस्थित थे। सीएमओ ने उनका वेतन रोकने का आदेश दिया और प्रभारी चिकित्सा अधिकारी को मरीजों के लिए सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने का आदेश दिया। निरीक्षण के दौरान प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मानीराम चरगांवा में चिकित्सा अधिकारी डॉ. विनोद गौड़, बीएचडब्ल्यू माया देवी और एएनएम रीमा देवी अनुपस्थित थीं। अस्पताल में काफी गंदगी भी मिली। सीएमओ ने मरीजों के लिए आरओ लगवाने का आदेश दिया।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र डोहरिया, जंगल कौड़िया में प्रसव कक्ष में ऑक्सीजन सिलिंडर, सेक्शन मशीन नहीं मिली। लैब असिस्टेंट सैय्यद तरवेज के नाम के आगे उपस्थिति पंजिका में आकस्मिक अवकाश दर्ज था, लेकिन उनका प्रार्थनापत्र नहीं जमा था। सीएमओ ने उन्हें अनुपस्थित कर दिया। एएनएम आकांक्षा, सीके यादव और डॉ. शिवानंद मिश्र भी अनुपस्थित थे। स्वास्थ्य कर्मचारी शांति पाठक एक साल से अवकाश पर हैं, लेकिन उनका कोई प्रार्थनापत्र नहीं मिला।
आभूराम तुर्कवलिया के न्यू पीएचसी पर साइनबोर्ड न होने पर सीएमओ नाराज हुए। यहां फार्मासिस्ट मरीजों का इलाज करते मिले। पता चला कि डॉक्टर सप्ताह में सिर्फ दो दिन ही आते हैं। एएनएम के आवास का दरवाजा टूटा मिला। प्रसव कक्ष में गंदगी मिली। सीएमओ ने प्रभारी चिकित्सा अधिकारी का जुलाई का वेतन रोकने का आदेश दिया। जंगल कौड़िया पीएचसी पर काउंसलर रूपम व शांति, सरोज देवी, प्रियंका जायसवाल और अंजुम हक अनुपस्थित मिलीं। एएनएम रोहित और निर्मला राय भी अनुपस्थित थे। सीएमओ ने अनुपस्थित स्टाफ का वेतन अगले आदेश तक के लिए रोक दिया है।