बस्ती। नगर पालिका कार्यालय से पांच करोड़ की फाइल गायब होने के मामले में पटल सहायक और तत्कालीन लिपिक के बयान से यह साफ हो गया है कि पत्रावली तत्कालीन ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अवर अभियंता ब्रह्मप्रकाश मिश्र के पास ही है। अधिशाषी अधिकारी ओमप्रकाश कहते हैं कि केस दर्ज करने से पहले जेई को अंतिम नोटिस जारी किया गया है। दो दिन बाद मुकदमा दर्ज करा दिया जाएगा। संबधित अभिलेख को जेई जानबूझकर वापस नहीं करना चाहते हैं, ताकि सच न सामने आ सके। इसकी जानकारी डीएम और नव नियुक्ति नगरपालिका अध्यक्ष को भी दे दी गई है। मामला लगभग दो साल पहले का है। यानि अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट स्कीम स्माल टाउन योजना (यूआईडीएसएसएमटी) में नगर पालिका को नेहरू तिराहे से सुभाष चौक तक नाला, इंटरलाकिंग पटरी और डिवाडइर निर्माण के लिए वर्ष 2015-16 में पांच करोड़ मिले। निर्माण कार्य के दौरान फर्जी भुगतान होने की शिकायत शासन में सपा के एक नेता ने 28 सितंबर 2016 को की। इसी बीच भुगतान और कार्य से संबधित पत्रावली, एमबी और रिकार्ड बुक गायब हो गई। इस पर ईओ ने 24 नवंबर 2017 को तत्कालीन जेई और तत्कालीन लेखाकार को नोटिस जारी करते हुए कहा कि अगर 15 दिन में रिकार्ड उपलब्ध नहीं कराए गए तो दोनों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई कर दी जाएगी। नोटिस का जवाब तो जेई ने समय सीमा बीतने के बाद भी नहीं दिया, मगर लेखाकार ने 18 दिसंबर 2017 को नोटिस के जवाब में ईओ को लिखा कि उन्होंने योजना से संबधित एमबी और रिकार्ड पुस्तिका तत्कालीन जेई ब्रह्मप्रकाश मिश्र को उपलब्ध करा दिया। इस जवाब के बाद ईओ ने जेई को 23 दिसंबर 2017 को पत्रावली वापस करने की अंतिम नोटिस जारी किया गया है। इसके लिए जेई को एक सप्ताह का समय दिया गया, उसके बाद केस दर्ज कराने को चेताया गया है।
दो और पत्रावली गायब
नोटिस के जवाब में तत्कालीन पटल सहायक और लिपिक श्रीकांत त्रिपाठी ने ईओ को जो लिखकर दिया है, उनमें दो प्रोजेक्ट की और पत्रावली है, उसे भी जेई ने अभी तक वापस नहीं किया। इन दोनों फाइलों में भी भारी गोलमाल की बात कही जा रही है। ईओ ने भी इन दोनों पत्रावलियों को जेई के पास रहने की पुष्टि की है।