जिला अस्पताल को पेपरलेस करने की दिशा में काम तेज हो गया है। बीएसएनएल ने अस्पताल में एसआईसी दफ्तर के सामने स्थित खाली जगह पर टॉवर लगा दिया है। सर्वर रूम के लिए जगह भी चिह्नित कर ली गई है।
हॉस्पिटल मैनेजर डॉ. रीमा ने बताया कि यह प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है। ई-हॉस्पिटल सुविधा से लैस होने के बाद जिला अस्पताल में सारे काम ऑनलाइन होंगे। बीएसएनएल 23 नंबर कमरे में इसके लिए सर्वर तैयार करेगा। इसके बाद ओपीडी, इंडोर, कैश काउंटर आदि सब कुछ ऑनलाइन हो जाएंगे।
ई-हॉस्पिटल से स्मार्ट होगा अस्पताल
- ओपीडी रजिस्ट्रेशन से लेकर वार्डों में भर्ती मरीजों का ब्यौरा ऑनलाइन होगा
- एक क्लिक पर ओपीडी, इंडोर, कैश काउंटर आदि की जानकारी कंप्यूटर स्क्रीन पर होगी
- अफसर भी आसानी से अस्पताल की मॉनीटरिंग कर सकेंगे
- इलाज में भी आसानी होगी। ड्यूटी पर मौजूद स्वास्थ्यकर्मी मरीज की हिस्ट्री एक क्लिक में जान जाएंगे
- जांच शुल्क ऑनलाइन जमा किए जा सकेंगे
- डिस्चार्ज लेटर के लिए इंतजार नहीं करना होगा। चंद सेकेंड में मिलेगा डिस्चार्ज लेटर