गोरखपुर यूनिवर्सिटी प्रशासन हॉस्टलों में दो साल से ठप पड़ी वाई-फाई सेवा फिर शुरू करने जा रही है। बुधवार को तकनीकी एक्सपर्ट की टीम ने संतकबीर, विवेकानंद और एनसी हॉस्टल में लगे वाई-फाई सेटअप की तकनीकी खामियां दूर कीं। नए साल तक इस सुविधा के शुरू हो जाने की उम्मीद है।
वर्ष 2013 में तत्कालीन सीएम अखिलेश यादव ने यूनिवर्सिटी में एक कार्यक्रम के दौरान सभी छात्रावासों को वाईफाई से लैस करने का एलान किया था। प्रथम किस्त के तौर पर उन्होंने करीब एक करोड़ रुपये भी जारी कर दिए थे। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने पहले फेज में अलकनंदा गर्ल्स हॉस्टल और गौतम बुद्धा हॉस्टल में वाई-फाई सेवा शुरू कर दी। मॉनीटरिंग के मुकम्मल इंतजाम न होने से विद्यार्थी इसका बेजा इस्तेमाल करने लगे, जिससे आए दिन सर्वर डाउन रहने लगा।
जांच करने पर गलत साइट्स खोलने की बात सामने आई। इस पर दो साल पहले वाई-फाई बंद कर दिया गया। दिसंबर 2016 में वाई-फाई के लिए दूसरी किस्त मिलने पर बाकि बचे चार हॉस्टलों में उपकरण तो लगा दिए गए, मगर सेवाएं शुरू नहीं की जा सकीं। कंप्यूटर सेंटर प्रभारी डॉ. एसएन पांडेय और उनकी टीम अब वाई-फाई सेवा दोबारा शुरू करने में लगी हुई है।
अलकनंदा और गौतम बुद्धा हॉस्टल में लगेगा यूटीएम
पहली किस्त के तहत जिन दो हॉस्टलों में वाई-फाई शुरू किया गया था, वहां जल्द ही मॉनीटरिंग के लिए यूजर थ्रेट मैनेजमेंट डिवाइस (यूटीएम) लग जाएगा। वहीं रानी लक्ष्मीबाई गर्ल्स हॉस्टल में नेटवर्क की टेस्टिंग शुक्रवार तक पूरी कर ली जाएगी। इसके बाद सभी हॉस्टल नेटवर्क से जुड़ जाएंगे।