संतकबीरनगर। नियमित समीक्षा के बाद भी विकास कार्यों में अपेक्षित प्रगति नहीं होने की वजह से सीडीओ ने जिले के सभी सात बीडीओ समेत 200 कर्मियों का वेतन अग्रिम आदेश तक के लिए रोक दिया है। सीडीओ हाकिम सिंह ने बताया कि प्रधान मंत्री आवास योजना ग्रामीण के पारदर्शी एवं भ्रष्टाचार रहित क्रियान्वयन के लिए अधिकांश ग्राम पंचायतों में स्थायी प्रतीक्षा सूची का अभी तक दीवार लेखन नहीं कराया गया है। पीएम आवास योजना के अंतर्गत शासन द्वारा मांगी गई 11 बिंदुओं पर वांछित सूचना नहीं उपलब्ध कराई गई। शत प्रतिशत लाभार्थियों को प्रथम व द्वितीय किश्त की धनराशि जारी नहीं की गई । मनरेगा में नवंबर तक निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष मान दिवसों का सृजन नहीं किया गया। समय सीमा में मजदूरी भुगतान को कम से कम 70 प्रतिशत पर लाने का प्रयास नहीं किया गया। 100 प्रतिशत एबीपीएस, 85 प्रतिशत जियो टैगिंग तथा वर्ष 2016-17 तक स्वीकृत कार्यों के सापेक्ष कम से कम 95 प्रतिशत कार्यों को पूर्ण नहीं कराया गया है। विभिन्न स्तरों पर लंबित मस्टर रोलों का निस्तारण भी नहीं कराया गया। आईजीआरएस की शिकायतों के निस्तारण में सुस्ती बरती जा रही है। इन्हीं आरोपों की वजह से सभी नौ ब्लॉकों में तैनात सात बीडीओ, 107 सचिव, जनपद एवं ब्लॉक व ग्राम स्तर के समस्त मनरेगा संविदा कर्मियों समेत 200 लोगों का वेतन अग्रिम आदेश तक के लिए रोक दिया गया है।