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16 दिन, चार आरोपी, 50 छापे फिर भी आरोपी फरार

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गोरखपुर।
बीआरडी कांड के नामजद आरोपी शातिर अपराधी नहीं हैं, लेकिन वे पुलिस को चकमा दे रहे हैं। 16 दिनों से पुलिस चार फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए करीब 50 छापे मार चुकी है मगर आरोपी अब भी पकड़ से दूर हैं। जो चार गिरफ्तारियां हुई हैं उनमें से तीन एसटीएफ ने की है। पुलिस इस प्रकरण में सिर्फ एक ही आरोपी लिपिक सुधीर को गिरफ्तारी कर सकी है। डॉ. सतीश ने जिस तरह से चकमा देकर कोर्ट में आत्मसमर्पण किया है, वह पुलिस की चुस्ती की पोल खोलने के लिए काफी है।
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ऑक्सीजन की कमी के बीच बच्चों की मौत के मामले में जांच रिपोर्ट के आधार पर महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. केके गुप्ता की तहरीर पर 23 अगस्त को लखनऊ के हजरतगंज थाने में केस दर्ज हुआ था। वहां से प्रक्रिया पूरी कर केस गोरखपुर ट्रांसफर कर दिया गया। यहां 26 अगस्त को गुलरिहा थाने में केस दर्ज हुआ। इसके बाद से ही पुलिस आरोपियाें की गिरफ्तारी में जुटी है। कई टीमें भी बनाई र्गइं मगर आरोपी पकड़े नहीं जा सके। इसी बीच यूपी एसटीएफ ने कानपुर से निलंबित प्रिंसिपल डॉ. राजीव मिश्रा, उनकी पत्नी डॉ. पूर्णिमा शुक्ला को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने इसके बाद छापे की कार्रवाई भी तेज कर दी लेकिन डॉ. कफील को भी एसटीएफ की सूचना पर ही पकड़ा गया। उधर, पुलिस को चकमा देकर डॉ. सतीश कोर्ट में समर्पण करने में सफल हो गए। इस मामले में एसएसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज का कहना है कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगी हैं। जल्द ही सभी आरोपी पुलिस की गिरफ्त में होंगे।
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