गोरखपुर।
इंसेफेलाइटिस से मासूम की मौत के बाद डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए परिवारवालों ने जिला अस्पताल में जमकर हंगामा किया। कहा कि मंगलवार रात भर मासूम खून की उल्टियां करता रहा पर डॉक्टर देखने नहीं आए। बुधवार को जब डॉक्टर बच्चे को देखने पहुंचे तो हालत गंभीर होने पर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। परिवारवाले जब तक इलाज के लिए लेकर जाते मासूम ने दम तोड़ दिया।
बेलीपार थानाक्षेत्र निवासी रामलोचन के दो साल के पुत्र अविनाश को मंगलवार को बुखार हुआ। हालत गंभीर देखकर रात करीब 11 बजे परिवारवाले उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। इमरजेंसी ओपीडी में दिखाने पर बच्चे को भर्ती कर लिया गया। रामलोचन का कहना है कि जब बच्चे की हालत बिगड़ने लगी तो वह डॉक्टर को बुलाने गए लेकिन ड्यूटी पर मौजूद स्टाफ ने आश्वासन देकर चुप करा दिया। जब बेटे के मुंह से खून आने लगा तो नर्स ने कहा कि पोंछते रहो। सुबह होते-होते उसकी हालात और बिगड़ गई। करीब 8 बजे जब डॉक्टर आए तो बच्चे को रेफर कर दिया। इसके कुछ देर बाद ही बेटे ने दम तोड़ दिया। रात में अगर डॉक्टर देख लेते तो बेटे की जान बच जाती।
बच्चे के इलाज में लापरवाही नहीं हुई है। रात में आईसीयू में मरीज को भर्ती किया गया। वहां डॉक्टर ने देखा और फिर बाल रोग विशेषज्ञ को बुलाकर दिखाया। सुबह हालत बिगड़ने पर उसे मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। 108 एंबुलेंस से ले जाते समय बच्चे की मौत हो गई। जिला अस्पताल में बच्चे की मौत नहीं हुई है।
डॉ. राज कुमार गुप्ता, एसआईसी जिला अस्पताल