विश्व रक्तदाता दिवस पर ‘अमर उजाला फाउंडेशन’ के स्वैच्छिक रक्तदान शिविर में बुधवार को महादानियों ने इंसानियत की मिसाल पेश की। खून की कमी से किसी की जान न जाए, इस खातिर कैंप में लोग उमड़े तो सुबह नौ से दो बजे तक तय शिविर को दो घंटे और बढ़ाना पड़ गया।
जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में सुबह नौ बजे जब के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. दिनेश कुमार सोनकर कैंप का उद्घाटन करने पहुंचे तब तक वहां 15 रक्तदाता पहुंच चुके थे। समाज के लिए कुछ करने का जज्बा लिए पहुंचे इन रक्तदाताओं का ‘अमर उजाला फाउंडेशन’ और ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. एसके यादव व उनके सहयोगियों की ओर से गर्मजोशी से स्वागत किया गया। इसके बाद महादान का काम शुरू हुआ। लोग आते गए और कारवां बढ़ता गया। कुछ देर में धूप चटख हो चुकी थी। इसके बावजूद महादानियों का आना कम न हुआ। इनके उत्साह की गर्मी के आगे धूप की तपिश भी ठंडी पड़ गई। ‘अमर उजाला’ अखबार और ब्लड बैंक के कर्मचारी महादानियों के स्वागत, पंजीकरण, जांच आदि की औपचारिकता पूरी कराने के बाद उन्हें महादान के लिए ले गए। रक्तदान के बाद रक्तदाताओं को आराम कराने के साथ उन्हें अल्पाहार भी दिया गया।
इस बीच कई बार ऐसे मौके आए जब रक्तदाताओं से ब्लड बैंक भर गया। ऐसे में रक्तदाता धैर्यपूर्वक पंजीकरण के बाद अपनी बारी की प्रतीक्षा करते रहे। समय बीतने के बाद भी महादानियों के पहुंचने का सिलसिला जारी था। तीन बजे शिविर समापन की ओर था तभी दो उत्साही युवक रक्तदान के लिए पहुंचे। देर से आने की मजबूरी बताते हुए उन्होंने रक्तदान की इच्छा जताई। अभी वह रक्तदान कर ही रहे थे कि अगले महादानी आ गए। सवा चार बजे तक रक्तदान का कार्यक्रम चलता रहा। महादानियों ने ब्लड बैंक में अपना मोबाइल नंबर दर्ज कराया और जरूरत के वक्त स्वैच्छिक रक्तदान का भरोसा भी दिया। महादानियों के उत्साह के चलते कुछ घंटों में जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में आयोजित इस शिविर में 77 यूनिट खून का संचय किया गया। इस कैंप में ब्लड बैंक को काफी संख्या में नए रक्तदाता भी मिले।
इनका रहा विशेष सहयोग
मेडिकल अफसर डॉ. ईशा सिंह, काउंसलर श्वेता यादव और गीता देवी, एलटी संजय कुमार, प्रमोद मद्धेशिया, चंद्रभान, महेंद्र प्रताप सिंह यादव, उमेश चंद्रा, रामदेव, तेज प्रताप तिवारी, दयाशंकर आदि के सहयोग से शिविर का सफलतापूर्वक संचालन हुआ। समय बीतने के बाद भी ये लोग पूरी तल्लीनता एवं गर्मजोशी से रक्तदान शिविर संचालित करने में जुटे रहे।
महादान से मनाते हैं शादी की सालगिरह
शिविर में पहुंचे शहर के महादानी रामसूरत पाल ने बताया कि 10 साल पहले शादी की पहली सालगिरह पड़ी तो इसे यादगार बनाने के लिए रक्तदान करने पहुंच गया। इस बारे में पत्नी से बात की तब उसने कहा कि अगर आपके रक्तदान से किसी की जिंदगी बचती है तो यह बहुत खुशी की बात होगी। तबसे हर साल शादी की सालगिरह पर रक्तदान करता हूं। इस बार भी 14 जून को रक्तदान करके सालगिरह को यादगार बनाने आया हूं।
छुट्टी पर आए फौजी अखबार पढ़कर पहुंचे
पीपीगंज के फौजी विक्रम पाल सूर्यवंशी छुट्टी पर घर आए हैं। उन्होंने बताया कि ‘अमर उजाला’ में रक्तदान शिविर की खबर पढ़ी तो सब काम छोड़कर यहां चला आया। अगर मेरे रक्त से किसी का जीवन बच सके तो इससे ज्यादा खुशी की बात और क्या होगी। उन्होंने अपील करते हुए कहा कि रक्तदान करने के लिए लोगों को आगे आना चाहिए। रक्तदान शिविर के आयोजन के लिए उन्होंने ‘अमर उजाला फाउंडेशन’ की सराहना भी की।
55 साल की उम्र, 32वीं बार किया रक्तदान
महादानियों में 55 वर्षीय रेल कर्मचारी अनिल शंकर श्रीवास्तव भी शामिल थे। रक्तदान शिविर में पहुंचकर उन्होंने युवाओं का हौसला बढ़ाया और महादान से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि 55 साल की उम्र में अबकी 32वीं बार रक्तदान किया है। उन्होंने कहा कि जागरूकता के अभाव में कुछ लोगों को रक्तदान के नाम पर चक्कर आ जाता है, जबकि उन्हें नहीं पता कि रक्तदान से व्यक्ति की सेहत दुरुस्त रहती है।
सीएम की सुरक्षा में लगे सिपाही भी पहुंचे
देवरिया निवासी कोतवाली खलीलाबाद में तैनात रामजतन प्रजापति बुधवार को सीएम सुरक्षा की ड्यूटी में गोरखपुर आए थे। अखबार के जरिए रक्तदान शिविर की जानकारी मिली तो वक्त निकालकर पहुंच गए। रामजतन ने चौथी बार रक्तदान किया। बताया कि रक्तदान को लेकर अपने साथियों को जागरूक करता रहता हूं। रक्तदान को लेकर लोगों में काफी भ्रम है कि इससे शरीर कमजोर होता है, पर यह गलत है। इसके तमाम फायदे हैं।
पहली बार रक्तदान करने वालों में दिखा उत्साह
सुनील कुमार श्रीवास्तव, किशन कुमार, कमलेश कुमार, आशीष जायसवाल, शहनवाज जैसे युवा पहली बार रक्तदान करने पहुंचे थे। कुछ में झिझक और थोड़ा डर था, पर इस पर उनका उत्साह भारी पड़ा। अखबार के माध्यम से रक्तदान शिविर के बारे में पता चला तो ये रक्तदान करने पहुंचे। इन रक्तदाताओं का नियमित रक्तदाता समाजसेवी अशोक कुमार मिश्र हौसला बढ़ाते रहे। रक्तदान के बाद ये युवा बोले आगे भी मै मौका मिला तो रक्तदान करेंगे।
बी पॉजिटिव और ओ पॉजिटिव ग्रुप के सर्वाधिक डोनर
‘अमर उजाला फाउंडेशन’ और ब्लड बैंक के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कैंप में कुल 77 यूनिट ब्लड जुटाया गया। इसमें सर्वाधिक डोनर बी पॉजिटिव ग्रुप के निकले। बी पॉजिटिव ग्रुप 29, बी निगेटिव दो, ए पॉजिटिव 15, एबी पॉजिटिव 7, एबी निगेटिव एक, ओ पॉजिटिव 22 और ओ निगेटिव एक यूनिट ब्लड रक्तकोष में जमा हुआ। सबसे रेयर ग्रुप एबी निगेटिव का एक डोनर मिला पर ए निगेटिव ग्रुप का कोई डोनर सामने नहीं आया।
महादानियों का किया गया सम्मान
जिला अस्पताल ब्लड बैंक की ओर से विश्व रक्तदाता दिवस के मौके पर बुधवार को नियमित रक्तदाताओं को सम्मानित किया गया। एसआईसी डॉ. दिनेश कुमार सोनकर ने ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. एसके यादव और मेडिकल अफसर डॉ. ईशा सिंह के साथ सर्वाधिक बार रक्तदान करने वाले रक्तदाताओं को प्रशस्ति पत्र एवं पुरस्कार देकर सम्मानित किया। इनमें सात बार से लेकर 26 बार तक रक्तदान करने वाले डोनर सम्मानित किए गए। सम्मानित होने वालों में बृजेश सिंह 26, विनय सिंह 20, देवेश सिंह 18, डॉ. रूप कुमार बनर्जी 18, डॉ. सुरेश सिंह 17, मोइन अंसारी 13, डॉ. शशांक शेखर 12, हरेंद्र कुमार मल्ल 7, रजत जायसवाल और पूनम मिश्रा छह बार रक्तदान करने के लिए सम्मानित हुए। इस मौके पर रक्तदान करने आए सभी रक्तदाताओं को ‘अमर उजाला फाउंडेशन’ की ओर से रक्तदाताओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।