गोरखपुर। गोरखपुर विश्वविद्यालय में गरीब सवर्णों को 10 प्रतिशत आरक्षण का रास्ता साफ हो गया है। शनिवार को विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन में हुई कार्य परिषद की बैठक में सरकार के शासनादेश को स्वीकार कर लिया गया। इसके साथ ही कई अन्य अहम निर्णय भी लिए गए।
बैठक में कुलपति के विशेष कार्याधिकारी लाल बहादुर को एक अप्रैल 2020 तक सेवा विस्तार दिया गया। विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग विभाग को सुदृढ़ करने के लिए एक आर्किटेक्ट से सेवा लेने के प्रस्ताव को भी स्वीकार किया गया। वाणिज्य विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अशोक कुमार सिंह का त्यागपत्र कार्य परिषद ने स्वीकार कर लिया। उच्चतर शिक्षा संस्थानों में अकादमिक सत्यनिष्ठा व साहित्यिक चोरी की रोकथाम को प्रोत्साहन, विनियम 2018 की अधिसूचना को कार्य परिषद ने स्वीकार कर लिया। इसके बाद शोध पत्रों एवं शोध कार्य में साहित्यिक चोरी को आसानी से रोका जा सकता है। अध्यक्षता कुलपति प्रो. वीके सिंह ने की।
परिसर में जिओ देगी वाई-फाई सेवा
कार्य परिषद की बैठक में परिसर में फ्री वाई-फाई सेवा पर अहम फैसला हुआ। मीडिया प्रभारी प्रो. अजय शुक्ल ने बताया कि रिलायंस जिओ की ओर से परिसर में फ्री वाई-फाई सेवा उपलब्ध कराने के लिए टावर लगाने की खातिर जमीन चिह्नित करने को कुलपति ने एक समिति बनाई है। इसमें प्रो. रविशंकर सिंह को संयोजक बनाया गया है। प्रो. विनोद सिंह, प्रो. विनीता पाठक, प्रो. अजय शुक्ला को सदस्य बनाया गया है। कुलसचिव सुरेश चंद्र शर्मा को इसका सचिव बनाया गया है।