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खेती-किसानी पर विपक्ष की धार कुंद कर गए मोदी

Mon, 25 Feb 2019 01:14 AM IST
ajay Kumar अमर उजाला/गाोरख्ापुर
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सभा को संबोधित करते पीएम मोदी
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संतोष सिंह
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गोरखपुर। खाद कारखाना मैदान की किसान रैली से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विपक्ष की धार कुंद कर गए। प्रधानमंत्री ने किसान कर्जमाफी और उनकी बदहाली का मुद्दा उठाने वाले विपक्षी नेताओं की पोल जनता के बीच खोलने की कोशिश की, फिर हामी भी भरवाई। भरोसा दिलाते हुए कहा कि अफवाह, झूठ में न फंसें। ये मोदी है। जो कहता है, वो करता है। किसान सम्मान निधि योजना पर अन्नदाता का अधिकार है। इसे मोदी या फिर कोई राज्य सरकार नहीं छीन सकती है। इसी बीच योजना की पहली किस्त के दो हजार रुपये बैंक खाते में आए और उसका एसएमएस मोबाइल फोन पर मिला तो किसानों के चेहरे खिल गए।
गोरखपुर, आजमगढ़ और बस्ती मंडल के 10 जिलों के किसानों के बीच प्रधानमंत्री 1.03 घंटे तक बोले। मंच से ‘जय किसान’ का नारा लगवाया और अपनी सरकार की उपलब्धियां भी गिनाईं लेकिन ज्यादा ध्यान किसानों को सतर्क करने पर रहा। यह बताने पर रहा कि किसानों की समृृद्धि की महत्वाकांक्षी योजना पर विपक्ष झूठ फैला रहा है। विपक्ष कह रहा है कि एक साल तक ही रकम मिलेगी, फिर वापस ली जाएगी। यह सफेद झूठ है। 10 साल में किसानों को साढ़े सात लाख करोड़ रुपये दिए जाएंगे। इसके लिए बजट का प्रावधान है। हर साल तीन किस्तों में छह हजार रुपये बैंक खाते में पहुंच जाएंगे।

पूछा झूठ में फंसेंगे तो नहीं!

मोदी ने किसानों से सीधा संवाद भी किया। मंच से सवाल किया आप झूठ में फंसेंगे तो नहीं, जवाब मिला, कभी नहीं! गांव जाकर विपक्ष की पोल खोलेंगे क्या? जवाब आया, जरूर। इस बीच प्रधानमंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के नारे ‘जय किसान’ की याद दिलाई। साथ ही कहा कि यह सपना अब भाजपा सरकार साकार कर रही है। सरकार की प्राथमिकता में किसान सबसे ऊपर हैं। सरकार की नई योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाएगी। किसान सशक्त और संपन्न होगा तो देश की अर्थव्यवस्था और मजबूत होगी।

गोरक्षनगरी से देशभर के किसानों को साधा

गोरक्षनगरी की रैली से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर के किसानों को साधा है। वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए प्रधानमंत्री ने गैर भाजपा शासित कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल और पश्चिम बंगाल के किसानों से बात की। साफ संदेश दिया कि किसान राज्य सरकारों पर दबाव बनाएं जिससे वे किसान सम्मान निधि योजना का लाभ जल्द पा सकें। पश्चिम बंगाल की महिला किसान से प्रधानमंत्री ने कुछ देर बात की और हिंदी बोलने की तारीफ भी की। साथ ही कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार सोई हुई है, उसे जगाने का काम करना होगा। अभी तक पात्र किसानों के नाम केंद्र सरकार को नहीं मिले हैं। इस निधि पर जो पैसा खर्च होगा, उसका निर्वहन केंद्र सरकार को करना है।
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पीएम को पता यूपी से जाता है दिल्ली का रास्ता
किसान सम्मान निधि योजना की शुरूआत पूर्वांचल से करने के पीछे भी खास मकसद है। प्रधानमंत्री को पता है कि दिल्ली का रास्ता यूपी से होकर जाता है। इस क्षेत्र में लोकसभा की 13 सीटें हैं। वर्ष 2014 के चुनाव में भाजपा ने 12 सीटें जीतीं थीं। इसी का नतीजा रहा कि प्रधानमंत्री ने खुद को यूपी से जोड़ा और कहा कि आपके आशीर्वाद से ही केंद्र में मजबूत सरकार बनी है।
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